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बागवानी का जुनून ऐसा की लॉन में तैयार किया रॉक गार्डन, मरीजों के साथ प्रकृति की सेवा में रमे हैं ये डॉक्टर

Fri, 28 Aug 2020 08:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी विश्वामित्र भट्ट को बागवानी का इस कदर जुनून है कि उनके घर के लॉन, टैरेस, लॉबी हर जगह पौधे आकर्षित करते हैं। आकर्षण का केंद्र 400 स्क्वायर फीट के उनके लॉन में तैयार रॉक गार्डन है, जो घर आने वाले लोगों को अपनी खूबसूरती से लुभाता है। गार्डन को सजाने के लिए विश्वामित्र भट्ट ने टेराकोटा की कलाकृतियों के साथ गोल पत्थरों और ईडिनम, पोचुलाका, जंपिंग ग्रास, चांदनी के साथ मिनिएचर का इस्तेमाल किया है।
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बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला से बातचीत में बशारतपुर के रहने वाले विश्वामित्र भट्ट ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बागवानी का शौक है। उनके लॉन के अलावा टैरेस और लॉबी में करीब 500 गमलों में कई प्रजातियों के सिन्गोनियम, कैलिथिया, मरन्टा, एल्गोनिमा, ग्रीन साईप्रस, गोल्डेन  साईप्रस, पान्डो कार्पस, बाक्सवूड, कैजुराईना, कई वैराइटी की चांदनी, कामिनी, फाईकस, बोगनबेलिया की कई प्रजातियां शोभा बढ़ाती हैं। वो रोजाना सुबह दो घंटे का वक्त अपनी पत्नी प्रतिमा भट्ट के साथ बागवानी को देते हैं।
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बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।
मरीजों के साथ प्रकृति की सेवा में रमे हैं डॉ. अरुण राय
मरीजों की सेवा के साथ-साथ डॉ. अरुण कुमार राय को बागवानी का भी शौक है। डॉ. अरुण ने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक उनकी मां से मिला। जब वह छोटे थे तो उनकी मां अक्सर उनसे पौधे लगवाया करतीं थी।

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बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।
अब उन्होंने अपने घर के अंदर 500 स्क्वायर फीट में सुंदर गार्डन तैयार किया है। घर में करीब 200 गमलों में पौधे लगा हैं। 20 साल पुराने एडनियम और दस साल पुराने पीपल और डोरांटा के बोनसाई आकर्षण का केंद्र हैं। इनके अलावा आम, अमरूद, लीची, जामुन, बरगद, पीपल और नीम की बोनजाई घर की खूबसूरती को बढ़ाते हैं।
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बागवानी। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि गमलों को आकर्षक रूप देने के लिए मिनिएचर गार्डेनिंग भी करते हैं। इसके तहत गमलों में नदी, रास्ते, पहाड़, लैंप पोस्ट, परियों से सजाकर उसे मनमोहक रूप देते हैं। इसके साथ ही घर में पड़े वेस्ट मैटेरियल के इस्तेमाल बागवानी के लिए करते हैं।
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