बागवानी।
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अमर उजाला से बातचीत में बशारतपुर के रहने वाले विश्वामित्र भट्ट ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बागवानी का शौक है। उनके लॉन के अलावा टैरेस और लॉबी में करीब 500 गमलों में कई प्रजातियों के सिन्गोनियम, कैलिथिया, मरन्टा, एल्गोनिमा, ग्रीन साईप्रस, गोल्डेन साईप्रस, पान्डो कार्पस, बाक्सवूड, कैजुराईना, कई वैराइटी की चांदनी, कामिनी, फाईकस, बोगनबेलिया की कई प्रजातियां शोभा बढ़ाती हैं। वो रोजाना सुबह दो घंटे का वक्त अपनी पत्नी प्रतिमा भट्ट के साथ बागवानी को देते हैं।