ठंड
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य पाठक ने बताया कि ठंड के मौसम में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस बीमारी में मरीजों की किन पैनिक झिल्ली (कान के पर्दे) में तेजी से छेद हो रहा है, जो धीरे-धीरे बड़ा होता जा रहा है। ऐसे मरीजों की जांच में यह जानकारी मिली है कि इन्हें काफी दिनों से सर्दी और जुकाम था। स्थानीय स्तर पर दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हुआ। इस बीच कान से सुनाई कम देने लगा और कान से मवाद आने लगा।