चार मई से शुरू होने वाले तीसरे फेज के लॉकडाउन में भी शुरूआती दो फेज की ही तरह सख्ती बरकरार रहेगी। प्रशासन सख्ती और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि जिले के 44 लाख लोगों के स्वास्थ्य और उनकी जिंदगी की चिंता पहली प्राथमिकता है।
गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ओरेंज जोन होने के बाद भी यहां सख्ती रेड जोन की ही तरह की जाएगी। सड़क पर बेवजह निकलने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि आम आदमी को थोड़ी भी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में राशन समेत अन्य जरूरी सामग्री मौजूद है। दवा, दूध सब्जी और राशन घरों तक पहुंचते रहेंगे। टेलीमेडिसिन के जरिए ओपीडी शुरू की जा रही है। कोई भी बीमार व्यक्ति अपने नजदीक के जन सेवा केंद्रों पर जाकर संबंधित मर्ज के डॉक्टर से ऑनलाइन अपना इलाज करा सकेगा।
उन्होंने अपील की है कि हर कोई धैर्य का परिचय देते हुए घरों में रहे। कोरोना के संक्रमण से बचने का यही सबसे कारगर उपाय है। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देश पर उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
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डीएम, एसएसपी ने आजमगढ़-मऊ सीमा पर जांची चौकसी
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन व एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने शनिवार को जिले के बड़हलगंज से सटी आजमगढ़-मऊ सीमा के पास चौकसी जांची। उन्होंने उरूवां और गोला के भी विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि बड़हलगंज में बाहर से आने वाली सभी एंबुलेंस की विशेष जांच सुनिश्चित करने के बाद ही आगे भेजी जाए।
मरीज बहुत गंभीर नहीं है तो एंबुलेंस सीधे पूर्वांचल डेंटल कॉलेज में भेजी जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़कों पर बेवजह घूम रहे चार पहिया और दो पहिया वाहन चालकों के चालान भी किए।।
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उद्योग, सरकारी परियोजनाओं को मिलेगी गति
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद कई उद्योग और सभी बड़ी परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सोशल डिस्टेंसिंग समेत सभी जरूरी सावधानियां अपनाकर जल्द ही बाकी उद्योग और काम भी शुरू करा दिए जाएंगे। बाहर से आने वाले मजदूरों को क्वारंटीन किया जा रहा है।
सभी सेंटर पर डिग्निटी किट वितरित की जा रही हैं। क्वारंटीन किए गए सभी लोगों के भोजन के इंतजाम के साथ ही क्वारंटीन पीरियड पूरा होने के बाद घर जाने पर उन्हें खाद्य सामग्री के पैकेट भी दिए जाएंगे।
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बाहर से आए सभी मजदूरों को देंगे रोजगार
डीएम ने बताया कि अभी तक 30 हजार से अधिक लोग दूसरे प्रांतों से आ चुके हैं। इतने ही लोग करीब और आने की उम्मीद है। सभी को जिले में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। मनरेगा से लेकर सरकारी योजनाओं के निर्माण और गीडा के उद्योगों में उन्हें काम दिलाया जाएगा ताकि कोई बेरोजगारी के संकट से न जूझे। उन्होंने बताया कि तमाम मजदूरों को रोजगार दिलाया भी जा चुका है।
भूखे नहीं रहेंगे जरूरतमंद
डीएम का कहना है कि नेपाल क्लब के साथ ही सभी तहसीलों में कम्यूनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है जहां से सभी जरूरतमंदों को दोनों समय भोजन कराया जा रहा है। जिसे जरूरत है उसे खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिन जरूरतमंदों के पास राशन कार्ड नहीं है उनके कार्ड भी बनाए जा रहे हैं।