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देवरिया उपचुनाव: चुनावी नतीजे बताएंगे ‘भगवान परशुराम’ के वंशज का झुकाव किस ओर

Tue, 10 Nov 2020 10:41 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
ब्राह्मण बहुल देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र के नतीजे संकेत देंगे कि ‘भगवान परशुराम’ के वंशज का झुकाव किस पार्टी की ओर है। इस सीट से सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने ब्राह्मण प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। सबके जीत के अपने-अपने दावे भी हैं।
 
 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
कानपुर के बिकरू कांड के बाद प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति को गर्माने का प्रयास हुआ था। राजनीतिक दलों ने आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए थे। इसी बीच विधानसभा उपचुनावों का एलान कर दिया गया। तीन नवंबर को मतदान हुआ। अब बारी नतीजों की है। मंगलवार को नतीजे आएंगे, ऐसे में सबकी निगाहें देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र के नतीजों पर टिकी हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
इस सीट से भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा के उम्मीदवार ब्राह्मण हैं। राजनीतिक दलों की ओर से कहा जा रहा है कि जिस उम्मीदवार को ब्राह्मणों का अच्छा वोट मिलेगा, वह निर्णायक बढ़त बना सकता है। इसी का नतीजा है कि देवरिया विधानसभा क्षेत्र के नतीजों को परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। यदि भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली तो विपक्ष की जातिगत राजनीति को झटका लगेगा। भाजपा विकास के मुद्दे को हवा देगी और विपक्ष को आइना दिखाने की कोशिश करेगी।
 
 

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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
सर्वाधिक ब्राह्मण मतदाता, फिर वैश्य
इस क्षेत्र में 3,36,565 मतदाता हैं। राजनीतिक दलों के पास जो जातिगत आंकड़ा है उसके मुताबिक सर्वाधिक 50-55 हजार मतदाता ब्राह्मण हैं। 45-50 हजार वैश्य, 55-60 हजार यादव-मुस्लिम, 20-22 हजार क्षत्रिय, 18-20 हजार निषाद मतदाता हैं। चौरसिया, मौर्या सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के भी मतदाताओं की संख्या अच्छी है।

 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
चुनाव चिह्न कोई, त्रिपाठी ही पहुंच सकते हैं विधानसभा
यह पहला मौका है, जब देवरिया विधानसभा क्षेत्र से प्रमुख राजनीतिक दलों ने ब्राह्मण प्रत्याशी उतारे हैं। सभी त्रिपाठी हैं। कहा जा रहा है कि चुनाव चिह्न कोई भी हो, अगर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों में से किसी को जीत मिली तो त्रिपाठी ही चुनकर विधानसभा में जाएंगे। निर्दलीय प्रत्याशियों की अप्रत्याशित जीत हुई तो ही इसमें किसी तरह का बदलाव संभव है।  

 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
आधी आबादी का फैसला निर्णायक
उपचुनाव में आधी आबादी का फैसला निर्णायक होगा। इस क्षेत्र में 3,36,565 मतदाता थे। इसमें से 1,69,861 मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया है। निर्वाचन आयोग ने जो आंकड़ा जारी किया है, उसके मुताबिक मतदान के मामले में आधी आबादी ने जागरूकता दिखाई है। 79778 महिलाओं ने मतदान किया है। लिहाजा, महिलाओं का जिस पार्टी प्रत्याशी की ओर झुकाव होगा, नतीजा उसी के पक्ष में जा सकता है।  
 
प्रमुख दलों के प्रत्याशी
भाजपा- डॉ. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी
सपा- ब्रह्मशंकर त्रिपाठी
बसपा- अभयनाथ त्रिपाठी
कांग्रेस- मुकुंद भास्कर मणि त्रिपाठी
निर्दलीय- अजय कुमार सिंह ‘पिंटू’
 


 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव परिणाम 2020 - फोटो : अमर उजाला।
निर्दलीय अजय की चुनौती से तनाव में भाजपाई
पूर्व विधायक जन्मेजय सिंह के बेटे अजय कुमार सिंह ‘पिंटू’ ने भाजपा से बगावत करके चुनाव लड़ा है। वह जितना वोट पाएंगे, उसका नुकसान भाजपा को होगा। इसे लेकर भाजपा नेता चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की लड़ाई कठिन है। भाजपा बेहद मजबूत स्थिति में थी लेकिन निर्दलीय अजय कुमार सिंह ने चुनौती बढ़ा दी है। अजय को गौरीबाजार क्षेत्र में अच्छे वोट मिलने के अनुमान हैं।  

क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को हर क्षेत्र में हर तबके का वोट मिला है। देवरिया शहर और देहात में पार्टी को भारी बढ़त मिलेगी। बैतालपुर क्षेत्र में भी भाजपा को अच्छे वोट मिलने का अनुमान है। गौरीबाजार में भी प्रत्याशी को समर्थन मिला है। जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उम्मीद के मुताबिक ही चुनाव परिणाम आएंगे। विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़े हैं। देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र की जनता जातिगत राजनीति करने वालों को नकार देगी।  
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