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तस्वीरें: अपने आप में अद्भुत थे महायोगी देवरहा बाबा, इनके आगे देश के पीएम भी झुकाते थे सिर

Thu, 01 Jul 2021 07:23 PM IST
vivek shukla संतोष सिंह, मईल (देवरिया)।
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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
देवों की धरती देवरिया के मईल गांव में सरयू तट के किनारे सिद्ध भूमि बनाने वाले महर्षि देवरहा बाबा अपने आप में अद्भुत थे। देवरिया जनपद मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिणांचल के अंतिम छोर पर मईल गांव के पास बाबा का आश्रम है। यहां बाबा देवरहा छोटे से काठ के मंच पर बैठकर लोगों को दर्शन देते थे।

यहां देश के पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेई, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह, नारायण दत्त तिवारी, कमलापति त्रिपाठी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दुबे, जगन्नाथ मिश्र, मदन मोहन मालवीय, पुरुषोत्तम दास टंडन, सीपीएन सिंह, बूटा सिंह आदि ने बाबा का आशीर्वाद लिया था। अब जबकि देवरहा बाबा नहीं हैं, फिर भी आश्रम का महत्व कम नहीं है। विभिन्न मौकों पर देश के कोने-कोने से भक्त यहां पहुंचते रहते हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें बाबा की तस्वीरें ...
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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
बाबा ने सिद्ध हठयोगी अष्टांग योग की ख्याति अर्जित की थी। बाबा को प्लावन सिद्धि भी प्राप्त थी, जिससे वह पानी के ऊपर भी चलते थे। बाबा जिस भक्त को अपने पैर के अंगूठे से स्पर्श कर देते थे, वह धन्य हो जाता था।

 
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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
बाबा ऐसे दिव्य संत थे जो भक्तों की बात को पहले ही जान जाते थे। उन्हें आशीर्वाद देते थे। बाबा ने कभी अन्न का सेवन नहीं किया। वह हमेशा गंगाजल, दूध, दही, शहद व श्रीफल का प्रयोग करते थे।

 

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देवरहा बाबा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
बाबा हमेशा मृग छाला पहनते थे। बाबा हमेशा गोपालन, गोसेवा, जीवों पर दया करो का संदेश देते थे। जीवन के अंतिम पड़ाव में वृंदावन में सरयू तट पर चले गए थे।
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देवरहा बाबा की कुटी। - फोटो : अमर उजाला
वहीं उन्होंने 1990 में योगिनी एकादशी पर 19 जून को अपना शरीर त्याग दिया था। आश्रम के पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने बताया कि इस साल भी आश्रम पर उनकी पुण्यतिथि योगिनी एकादशी 5 जुलाई को मनाई जाएगी। आश्रम पर चलने वाला योग और वेद विद्यालय लगभग 6 वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा के चलते बंद पड़ा है।
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