Ritika Singh
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आनंदनगर कस्बे के फॉरेंस्ट रोड निवासी राधेश्याम सिंह की बेटी रितिका सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण पूरा विश्व तबाही मची हुई है। गुरू डॉ. जगदीश पिल्लई से प्रेरणा लेकर 14 सौ मीटर रक्षा सूत्र व 20 मीटर कपड़े पर मात्र 36 दिनों में अपने पूजा घर में 'लोकाः समस्ताः सुखिनो भवंतु' ( दुनिया में सभी लोग खुश रहे ) को 18 भाषाओ में हिंदी, अंग्रेजी, भोजपुरी, गुजराती, श्रीलंका, अरबी, उर्दू, मैथली, नेपाली, मलयालम, पंजाबी, मराठी, उड़िया व तमिल आदि भाषा में कुंडली डिजाइन में लिख डाली।