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दोनों दोस्तों के शव घर पहुंचते ही मची चीख-पुकार, परिजनों ने कहा- खुदकुशी नहीं हत्या हुई है

Sun, 31 Jan 2021 09:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मृत मिले दोनों किशोरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें इंद्रेश (15) और विशाल (14) की मौत जहर से होने की पुष्टि हुई है। किस जहर का इस्तेमाल किया गया इसकी जांच के लिए दोनों का विसरा सुरक्षित रखा गया है। जहर से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस अब इस जांच में लगी है कि उन्होंने खुद जहर खाकर खुदकुशी की है या फिर उन्हें धोखे से जहर देकर हत्या की गई है।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व ग्रामीणों की जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज के गौरीपुर गांव निवासी इंद्रेश साहनी व गांव के ही विशाल साहनी जिगरी दोस्त थे। शुक्रवार की सुबह दोनों के शव गांव के बाहर खेत में पुआल में मिले थे। सूचना पर आई पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। जांच में पता चला कि दोनों गुरुवार की शाम घर से निकले थे। इंद्रेश के घरवालों ने रात में काफी खोजबीन भी की थी, जबकि विशाल के घरवालों को लगा कि वह अपने नाना के पास रुक गया है। घर से आठ सौ मीटर की दूरी पर विशाल की ननिहाल है।
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सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला।
इंद्रेश की जेब से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है। उसमें उसने खुदकुशी की बात लिखी है और यह भी लिखा है कि उसके माता-पिता इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। घरवालों को यह सब देखकर कुछ समझ में ही नहीं आया। वह हैंडराइटिंग पर सवाल उठा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद एक बात तो साफ हो गई है कि मौत जहर से हुई है अब पुलिस को यह पता लगाना है कि खुदकुशी या फिर हत्या और अगर खुदकुशी है तो इसकी वजह क्या है?

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पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव। - फोटो : अमर उजाला।
शव घर पर पहुंचते ही मची चीख-पुकार
दोनों दोस्तों के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचते ही एक बार फिर से चीख पुकार मच गई। इंद्रेश की मां माधुरी और विशाल की मां बिंदा रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। इंद्रेश तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। बड़े भाई ब्रजेश और बड़ी बहन रोशनी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। विशाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दो छोटे भाई विकास और आकाश हैं। उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर बड़े भाई के साथ क्या हो गया है।
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विशाल व इंद्रेश। - फोटो : अमर उजाला।
विशाल ने आखिरी बार इंद्रेश को ही किया था फोन
विशाल के मोबाइल फोन की पुलिस ने कॉल डिटेल निकाल ली है। उससे गुरुवार की रात 9:30 बजे आखिरी कॉल की गई है। वह कॉल विशाल ने अपने दोस्त इंद्रेश को ही की थी। हालांकि इंद्रेश का नंबर दूसरे सर्विस प्रोवाइडर में पोर्ट होने की वजह से कॉल डिटेल नहीं मिल पाई है। पुलिस को उसकी कॉल डिटेल का इंतजार है।
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घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
पुलिस फूंक-फूंककर रख रही कदम
पुलिस इस पूरे मामले में संयम से जांच कर रही है। पुलिस को कॉल डिटेल का इंतजार है। गांव में एक लड़की से दोनों की दोस्ती की चर्चा है, मगर वह नाबालिग है। उसकी बदनामी होने के डर से पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। पुलिस का मानना है कि कॉल डिटेल में अगर उससे बातचीत मिली तो ही जांच को उस ओर मोड़ा जाएगा।
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सुसाइड नोट। - फोटो : अमर उजाला।
हैंडराइटिंग में नहीं है अंतर पर लेंगे एक्सपर्ट की सलाह
पुलिस ने इंद्रेश के जेब से मिले सुसाइड नोट और उसके घर मिली कॉपी की हैंडराइटिंग का मिलान किया है। पुलिस का कहना है कि उनको कोई अंतर नहीं दिख रहा है। क्योंकि सुसाइड नोट में भी शब्दों की गलती है और उसकी कॉपी में भी वही गलती है। हालांकि घरवालों का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग उनके बेटे की नहीं है। सुसाइड नोट की भाषा पर भी घरवाले सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिवार वालों को संदेह है, इस वजह से हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की भी राय ली जाएगी, ताकि यह बात स्पष्ट हो सके कि नोट किसने लिखा है।
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
पिता देंगे हत्या की तहरीर
इंद्रेश के पिता संतोष ने कहा कि उनका बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता है। संतोष ने कहा कि थाने में हत्या की आशंका जाहिर करते हुए तहरीर देंगे। इस मामले की जांच होनी चाहिए तभी पूरा मामला सामने आ पाएगा कि आखिर दरअसल हुआ क्या था?
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