आज हम आपको उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की उस घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बाद कुशीनगर से गोरखपुर जिले तक सनसनी फैल गई थी। यहां एक शिक्षक की दिनदहाड़े हत्या कर भाग रहे युवक को भीड़ ने पकड़कर पीट- पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरा मामला...
विज्ञापन
2 of 5
घटनास्थल की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
मामला कुशीनगर जिले के तरयासुजान थानाक्षेत्र के रामपुर बंगरा गांव का है। यहां राजेश सिंह गांव में ही शिक्षामित्र हैं और इनके छोटे भाई सुधीर सिंह बिहार में अध्यापक थे। दोनों भाइयों का परिवार गोरखपुर के नंदा नगर मोहल्ले में बने अपने मकान में रहता है। दोनों भाई अक्सर गोरखपुर आते-जाते रहते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
घटनास्थल की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
7 सितंबर 2020 की सुबह करीब सात बजे एक स्कूटी सवार युवक शिक्षामित्र राजेश सिंह को खोजते हुए उनके दरवाजे पर पहुंचा। युवक ने खुद को राजेश का मित्र बताया और उनसे मिलने आने की बात कही। घर में मौजूद राजेश की मां ने उसे चाय पिलाई और भोजन बनाने लगी।
4 of 5
घटनास्थल की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान स्नान कर रहे राजेश के छोटे भाई सुधीर सिंह जो सीमावर्ती बिहार प्रांत के पकड़ी में शिक्षक थे, वे युवक के पास पहुंचे। आरोपी युवक ने सुधीर को देखते ही गोली मार दी। सीने पर गोली लगने की वजह से सुधीर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर मौके पर आसपास के लोग जुट गए और राजेश की मां ने गेट बंदकर शोर मचाना शुरू कर दिया। बाहर से गेट बंद होने के कारण भीड़ देखकर आरोपी ने राजेश के मकान की छत पर चढ़ असलहा लहराकर दो फायर भी दागे। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर आरोपी ने आत्मसमर्पण करने की बात कही। लेकिन जब तक पुलिस पहुंचकर उसे कब्जे में ले पाती, आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया। भीड़ ने लाठी-डंडे से पीटकर आरोपी युवक को मार डाला।
एसपी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया था कि घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को आत्मसमर्पण के लिए कहा। इस पर युवक ने पुलिस टीम पर फायर किया तो जवाब में पुलिस ने भी फायर किया। पुलिस की फायरिंग के बाद आरोपी युवक ने भागकर एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। पुलिस टीम जब तक वहां पहुंचती, आक्रोशित भीड़ ने कमरे का फाटक तोड़कर आरोपी युवक को अपने कब्जे में कर लिया और पिटाई करने लगी। भीड़ को हटाकर जब तक पुलिस ने युवक को कब्जे में लिया, तब तक उसकी मौत हो गई थी।