मनीष हत्याकांड: सीसीटीवी में कैद हुए हत्यारोपी पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
इसके अलावा अन्य पुलिस वालों ने भी मनीष और उसके दोनों दोस्तों की जमकर पिटाई की थी। सबसे पहले हरबीर को अक्षय मिश्रा ने थप्पड़ मारा था। इसके बाद उसके साथ खड़े आरक्षी ने हरबीर को मारते हुए कमरे से बाहर धकेल दिया था। इस दौरान, जगत नारायण सिंह, मनीष और हरबीर को लगातार गालियां देते हुए, थाने ले जाकर पिटाई की धमकी दे रहा था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चार्जशीट में मुख्य गवाह होटल कृष्णा पैलेस के कर्मचारी आदर्श को बनाया है। दूसरे गवाह के तौर पर मनीष के दोस्त हरबीर का नाम है। चार्जशीट के मुताबिक, घटना वाली रात पुलिस की टीम होटल के कमरे में पहुंची तो हरबीर ने दरवाजा खोला। इंस्पेक्टर समेत अक्षय मिश्रा ने उससे नाम, पता और गोरखपुर आने का कारण पूछा। हरबीर ने खुद को चंदन का दोस्त बताते हुए, उससे मिलने गोरखपुर आने की बात कही। इस पर अक्षय मिश्रा ने चंदन का फोन नंबर लेकर फोन किया। इस दौरान कमरे में इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी उनके बैग की तलाशी ले रहे थे। चंदन से अक्षय मिश्रा ने हरबीर की जानकारी ली। चंदन द्वारा पुष्ट करने पर अक्षय मिश्रा ने फोन रख दिया।