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यूपी: डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला से भी बड़ा अपराधी हो गया है गोरखपुर का ये गैंगस्टर, ढाई लाख का इनाम घोषित

Fri, 21 May 2021 05:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गैंगस्टर राघवेंद्र यादव व माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के झंगहा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या में वांछित आरोपी व गैंगस्टर राघवेंद्र यादव पर यूपी के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हितेश चंद्र अवस्थी ने ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। इससे पहले एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनाम के हिसाब से राघवेंद्र गोरखपुर जोन का सबसे बड़ा बदमाश बन गया है। इससे ज्यादा इनाम 90 की दशक में अपराध से दहशत फैलाने वाले माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला पर भी नहीं था। श्रीप्रकाश शुक्ला पर दो लाख रुपये तक ही इनाम था। राघवेंद्र 10 अप्रैल 2018 को रिटायर दारोगा जयहिंद यादव और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या करने के आरोपों से घिरने के बाद से ही भागा है। एडीजी जोन अखिल कुमार के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, झंगहा के शातिर वांछित बदमाश राघवेंद्र यादव जोन का अब तक का एकमात्र अपराधी है जिसकी गिरफ्तारी के लिए ढाई लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार एडीजी की सिफारिश पर डीजीपी ने घोषित किया है। 
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राघवेंद्र यादव।(file) - फोटो : अमर उजाला।
आरोप है कि राघवेंद्र ने वर्ष 2016 में मामूली विवाद में ही गांव के ही चाचा-भतीजे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद फरार हो गया था। हत्या में दर्ज मुकदमे के वादी व पैरवी करने वाले व्यक्ति के साथ ही रिटायर दारोगा की वर्ष 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों मुकदमे की पैरवी से लौट रहे थे। इस मामले में भी राघवेंद्र पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, फिर बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया। इसके बावजूद बदमाश राघवेंद्र यादव पुलिस की पकड़ से दूर ही रहा। अब इनाम की राशि बढ़ाकर बदमाश को धर दबोचने की योजना बनाई गई है।
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राघवेंद्र यादव।(file) - फोटो : अमर उजाला।
7 जनवरी 2016 को की थी चाचा-भतीजे की हत्या
राघवेंद्र यादव ने अपने गांव सुगहा में 7 जनवरी 2016 को दिनदहाड़े बलवंत (50) और उनके भतीजे कौशल (20) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में राघवेंद्र के साथ ही रामलखन को भी आरोपी बनाया गया था। खेत किनारे राघवेंद्र ने गले और सिर में दोनों को गोली मारी थी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
2018 में रिटायर दारोगा और उनके बेटे की हत्या की
2016 में बलवंत और कौशल की हत्या का केस कोर्ट में ट्रायल पर था। इसी मुकदमे की पैरवी करके लौट रहे रिटायर दारोगा व मृतक कौशल के पिता जयहिंद यादव और उनके छोटे बेटे नागेंद्र यादव की गांव के पास ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को लेकर पुलिस पर कई सवाल भी उठे थे। क्योंकि पास में ही पुलिस चौकी थी। इसे लेकर जमकर आगजनी और बवाल भी हुआ था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
खोज रही थी पुलिस, हत्या कर फरार हो गया राघवेंद्र
राघवेंद्र ने जब पहले दो लोगों की हत्या की थी उस समय वह फरार चल रहा था। पुलिस तलाश रही थी लेकिन पकड़ नहीं पाई।  इस बीच गांव आकर राघवेंद्र ने दोबारा दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया। सरेराह ही रिटायर्ड दरोगा व उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। यही वजह थी कि पुलिस-प्रशासन को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा था।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock
परिवार को लाइसेंस और सुरक्षा दी गई थी
चाचा- भतीजे के हत्या के बाद रिटायर दारोगा व उनके परिवार को सुरक्षा दी गई थी। रिटायर दारोगा के सबसे छोटे बेटे राममिलन को शस्त्र लाइसेंस भी दिया था। इसके बाद भी आरोपी घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गया। पुलिस के मुताबिक अब भी परिवार के पास सुरक्षा मौजूद है। छोटे बेटे राममिलन व उनके परिवार की सुरक्षा सतर्कता के साथ की जा रही है।
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Raghvendra yadav - फोटो : अमर उजाला।
आखिरी बार कोलकाता में देखा गया था राघवेंद्र
राघवेंद्र को आखिरी बार कोलकाता में 2018 में ही देखा गया था। बताया जा रहा है कि उसने फर्जी पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था और उसी की मदद से बैंकाक चला गया लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस नहीं कर पाई थी। आरोप लगने पर तत्कालीन चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई भी की गई थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
राघवेंद्र पर कुल पांच मुकदमे
राघवेंद्र यादव पर झंगहा थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। 2016 में मारपीट, बलवा, हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश का केस हुआ। 2018 में मारपीट, हत्या और धमकी का केस। फिर 2018 में ही धमकी देने का केस। 2019 में पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की। 2021 में आदलती सम्मन पर उपस्थ्ति ना होने का केस दर्ज किया गया।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
इन नंबरों पर दें सूचना
अपराधी के संबंध में कोई भी सूचना थानाध्यक्ष  झंगहा के मोबाइल नंबर 9454403514,क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के मोबाइल नंबर 94 54401416, पुलिस अधीक्षक उत्तरी गोरखपुर के मोबाइल नंबर 9454400452 या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के मोबाइल नंबर 9454400273पर दी जा सकती है।जो सूचना देगा, उसका नाम, पता गोपनीय रखा जाएगा।
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एडीजी जोन अखिल कुमार - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जोन एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि राघवेंद्र यादव फरार चल रहा है। उस पर इनाम बढ़ाने के लिए डीजीपी कार्यालय फाइल भेजी गई थी। डीजीपी ने इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी है।
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