कोरोना की गाइडलाइन का पालन कितना हो रहा है अगर इसकी हकीकत देखनी है तो पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी महेवा को देखिए। यहां कोरोना की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं। दूध मंडी में फुटकर व्यापारियों का मेला लगा हुआ है। यहां किसी को भी कोरोना का डर नहीं है। लोग बिना मास्क के ही अपने धंधे में जमें हुए हैं। मंडी प्रशासन भी मौन रहते हुए इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी में सब्जी-फल, गल्ला और मछली का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रशासन ने कारोबार के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है। मंडी में करीब 1500 से अधिक लाइसेंस धारक हैं। जबकि करीब 650 के आसपास दुकानें हैं। इसमें से करीब 150 से अधिक दुकानें सब्जी की लगती है। वहीं लगभग 100 से अधिक दुकानें फुटकर की लगती हैं।
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महेवा मंडी।
- फोटो : अमर उजाला।
रात 10 बजे से ही मंडी में थोक का कारोबार शुरू हो जाता है। शनिवार को सुबह छह बजे मंडी परिसर में इस कदर भीड़ थी कि वहां से निकलना मुश्किल था।
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बिना मास्क लगाए फलों की दुकाम पर मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
सब्जी-फल विक्रेता पूर्वांचल कल्याण समिति अध्यक्ष संजय शुक्ला ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए आए दिन उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन करने और मास्क लगाने के लिए जागरूक किया जाता है। जिससे वह अपने परिवार को सुरक्षित रख सके।
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बिना मास्क लगाए फल बेचते युवा।
- फोटो : अमर उजाला।
सब्जी-फल विक्रेता एसोसिएशन के अवध गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। मंडी में आढ़ती और आने वाले लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। वह मास्क लगाए और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। जागरूकता से ही कोरोना से बचा जा सकता है।
महेवा मंडी के सचिव सेवाराम वर्मा ने बताया कि मंडी में सब्जी और फल विक्रेताओं की भीड़ को देखते हुए फुटकर व्यापारियों को दूध मंडी में भेज दिया गया है। जिससे थोक मंडी में भीड़ कम हो सके। कोरोना को लेकर प्रचार-प्रसार किए जा रहे हैं। साथ ही मास्क और हाथ को सैनिटाइज करने की सलाह दी जाती है।