उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण कहर बरपा रहा है। यहां संक्रमितों की मौत का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच शुक्रवार की शाम एक संक्रमित का शव राजघाट स्थित शवदाह गृह लाया गया। जिसे देखने के लिए राजघाट पुल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखिए हैरान करने वाली तस्वीरें...
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गोरखपुर में शवदाह गृह में संक्रमित का शव लाया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि जिले में बीते तीन दिनों में 2500 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। मृतकों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है फिर भी लापरवाही चरम पर है। शुक्रवार शाम राजघाट स्थित शवदाह गृह पर बिना पीपीई किट के शव को उठाया गया।
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संक्रमित का शव शवदाह गृह में ले जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान एक व्यक्ति के चेहरे पर मास्क तक नहीं दिखा। इतना ही नहीं बल्कि सील शव का चेहरा तक खोल कर दिखाया गया। वहीं संक्रमित का अंतिम संस्कार देखने के लिए राज घाट पुल पर भीड़ जमा हो गई।
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गोरखपुर राजघाट पर संक्रमित का अंतिम संस्कार देखने के लिए लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
शवदाह गृह पर चिता जलाना हुआ मंहगा
गौरतलब है कि कोरोना काल में एक चिता पर लगने वाली लकड़ी की कीमतें भी बढ़ गई हैं। जिले में एक चिता को जलाने के लिए लगने वाली लकड़ी की कीमत 3000 से 5000 तक है, जबकि घाट पर अंतिम संस्कार कराने की सरकारी कीमत 1500 और 1800 रुपए निर्धारित किए गए हैं।
घाट पर पिछले साल तक लकड़ी की कीमत 600 रुपए से 750 रुपए कुंतल थी जबकि मौजूदा समय में इसकी कीमत बढ़कर 750 रुपए से 1000 तक हो गई है। इस तरह शवदाह गृह पर एक चिता को जलाने के लिए लकड़ी की कीमत में 30 से 40 फीसद तक की वृद्धि हुई है। बता दें कि राजघाट पर अंतिम संस्कार कराने के लिए घाट पर स्थित लकड़ी की दुकानों पर अलग-अलग कीमत पर लकड़ी उपलब्ध है।