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Exclusive: मलिन बस्तियों में नहीं है कोरोना की पैठ, यकीन नहीं तो पढ़ लें पूरी खबर

Sun, 29 Nov 2020 12:55 PM IST
vivek shukla नीरज मिश्र, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर की मलिन बस्तियों में कोरोना वायरस की पैठ नहीं है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की जांच से हुआ है। 155 लोगों की कोरोना जांच से पता चला कि मलिन बस्तियों में रहने वालों की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बहुत अच्छी है। किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। इससे विभागीय अफसरों ने राहत की सांस ली है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक भी आश्चर्यचकित हैं। लिहाजा, चिकित्सकों ने शोध का फैसला किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
शासन की पहल पर 20 और 21 नवंबर को शहर के तुर्कमानपुर, आम बाजार और मोहद्दीपुर में मलिन बस्तियों में कोरोना जांच का शिविर लगाया गया था। अलग-अलग उम्र के 155 लोगों के सैंपल लिए गए। सबकी एंटीजन किट व आरटीपीसीआर जांच कराई गई लेकिन एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। यही नहीं, मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी मिली है। जिनकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, उनपर कोरोना वायरस का तेज वार नहीं हो पाता है। इस रिपोर्ट से स्वास्थ्य महकमा उत्साहित है।
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फाइल फोटो। - फोटो : PTi
दरअसल, मलिन बस्तियों में साफ-सफाई की समस्या रहती है। कामकाज के चक्कर में रोजाना महिला व पुरुषों को घर से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है लेकिन ताजा रिपोर्ट से धारणा बदल गई है। कोरोना के लिहाज से इस तरह की बस्तियां ज्यादा सुरक्षित पाई गई हैं। शहर के पॉश इलाकों में संक्रमण ज्यादा है।   

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सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी।(file) - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर के सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मलिन बस्तियों में कोरोना का संक्रमण न मिलना सुखद है। बस्तियों निवासियों की प्रतिरोधक क्षमता एयरकंडीशन में रहने वाले लोगों से बेहतर मिली है। इसकी रिपोर्ट भी बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
16 बच्चों की रिपोर्ट भी निगेटिव
मलिन बस्तियों से जिन 155 लोगों के नमूने लिए गए थे, उनमें से 16 बच्चे थे। इनकी उम्र 12 साल से कम थी। छह बच्चे दो साल से कम उम्र के हैं। खास बात यह थी कि इन बच्चों को सर्दी और जुकाम भी था लेकिन कोरोना संक्रमण नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को लग रहा था बच्चे पॉजिटिव आ सकते हैं, लेकिन वह भी निगेटिव निकले। बच्चों की भी इम्युनिटी बेहतर मिली है।
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डॉ. अमरेश सिंह।(file) - फोटो : अमर उजाला।
मलिन बस्तियों के संबंध में शोध की जरूरत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह के मुताबिक मलिन बस्तियों के लोगों की इम्युनिटी बढ़िया है। यही वजह है कि उन पर संक्रमण का असर नहीं हुआ। मलिन बस्तियों के लोग हर मौसम को आसानी से झेल जाते हैं। उनके शरीर की बनावट उसी अनुसार ढल जाती है। संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। ऐसे लोगों की एंटीबॉडी जांच कर शोध करने की जरूरत है। इस पर शोध किया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि ऐसे लोगों के अंदर एंटीबॉडी कैसे और कब बनी है।
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