फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corona War: सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की होगी कोरोना जांच, हेल्प डेस्क फिर किया जाएगा एक्टिव

Tue, 19 Apr 2022 10:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
देश और प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ओपीडी में आने वाले सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की कोरोना जांच करेगा। साथ ही विदेश से आने वाले मरीजों की कोरोना जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव जारी है। किसी दिन एक केस तो किसी दिन दो केस मिल रहे हैं। इन सबके बीच प्रदेश के सात जिले ऐसे हैं, जहां पर संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आने वाले सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की एंटीजन किट से कोरोना जांच की जाएगी।
विज्ञापन

2 of 5
देश में कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
इस बीच अगर कोई संदिग्ध मरीज दिखता है तो उसकी आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए 1464 निगरानी समितियां सक्रिय की गईं हैं। इसके लिए आशा, आंगनबाड़ी वर्कर को लगाया गया है। विदेश से आने वाले लोगों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

आशाओं को भी दिए गए किट
सीएमओ ने बताया कि आशाओं को किट भी दिए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति बीमार मिलता है तो उसे किट देने का निर्देश भी दिया गया है। किट में पैरासिटामॉल, एजिथ्रोमाइसिन, बी-कांपलेक्स, विटामिन-डी और सी दवाएं शामिल हैं। बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के बीच 27 हजार किट बांटे भी जा चुके हैं।

 
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
हेल्प डेस्क फिर किया जाएगा एक्टिव
सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल समेत हर सीएचसी और पीएचसी पर हेल्प डेस्क को फिर से सक्रिय किया जाएगा। हेल्प डेस्क पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की कोरोना जांच कराएंगे। साथ ही बुखार की ओपीडी में आने वाले मरीजों की थर्मल स्कैनिंग, नाम और पता भी नोट करेंगे।
 

4 of 5
भारत में कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
3,500 की जगह सिर्फ 500 सैंपल भेजे जा रहे जांच को
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच शासन ने प्रतिदिन 3,500 सैंपल की जांच का निर्देश दिया है। लेकिन, इसके सापेक्ष केवल 500 सैंपलों की जांच हो पा रही है। इनमें 200 नमूने आरटीपीसीआर और 300 नमूने एंटीजन किट से की जा रही है। जिले में जांच की संख्या लक्ष्य के सापेक्ष 12 फीसद से भी कम हो गई है। आरटीपीसीआर जांच की स्थिति बेहद खराब है। महज 10 फीसद आरटीपीसीआर हो पा रही है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई
दोनों डोज लगी हो तो आरटीपीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं
गोरखपुर एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी विजय कौशल ने बताया कि जो यात्री वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं, उनके लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य नहीं है। लेकिन, जिन यात्रियों ने दोनों डोज नहीं लगवाई है उन्हें 72 घंटे के अंदर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लानी होगी, तभी उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें