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आफत: कोरोना मरीजों के संजीवनी के लिए परेशान हैं तीमारदार, जरूरत के हिसाब से नहीं मिल रही ये दवा

Thu, 22 Apr 2021 11:25 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
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रेमडेसिविर दवा - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना संक्रमित मरीजों की जीवन रक्षा के लिए कथित रूप से कारगर माने जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ती जा रही है। मांग 1000 वायल के विपरित जिले को केवल 100-150 वायल इंजेक्शन मिल रहे हैं। ऐसे में एक-एक वायल के लिए तीमारदार परेशान हैं। बुधवार को 99 वायल आए थे, जो एक घंटे में बांट दिए गए। 
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रेमडेसिविर इंजेक्शन। - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, जिले में सात हजार के आसपास कोरोना के एक्टिव केस हैं। इनमें से कई मरीज गंभीर हैं। स्थिति यह है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी अस्पतालों तक में बेड खाली नहीं हैं। निजी अस्पतालों में जो मरीज भर्ती हैं, उनमें 90 प्रतिशत मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इस वजह से इसकी मांग बढ़ गई है।
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रेमेडिसिविर इंजेक्शन - फोटो : PTI
प्रतिदिन एक हजार से अधिक वायल की जरूरत है, लेकिन केवल 100 से 150 वायल ही मिल रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि इंजेक्शन की मांग बहुत ज्यादा है। पूरी कोशिश है कि सभी मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाए। प्रतिदिन इंजेक्शन मंगाया जा रहा है।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोशल मीडिया पर मांग रहे मदद
रोहित सिंह ने मां के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर लोगों से मदद मांगी है। इसके अलावा आस्था ने भी रेमडेसिविर की मांग की है। सोशल मीडिया पर इन्होंने सहायता की गुजारिश की है। देर शाम तक उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल सका था।  
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
फेबिफ्लू आते ही मार्केट से हो रही गायब
कोरोना के इलाज में फेबिफ्लू की मांग काफी बढ़ गई है। भालोटिया मार्केट में बुधवार को फेबिफ्लू के कुछ पत्ते आए थे, जो आते ही खत्म हो गए।
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