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गोरखपुर में पाबंदी हटी तो संक्रमितों की संख्या बढ़ी, यहां देखें लॉकडाउन से लेकर अनलॉक तक के आंकड़े

Thu, 27 Aug 2020 05:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में अनलॉक के दौरान की तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया को 24 अगस्त को पांच माह पूरे हो जाएंगे। लॉकडाउन के दौरान गोरखपुर जिले में गिने-चुने केस थे, लेकिन अनलॉक वन के साथ ही संक्रमितों और मरने वालों की संख्या बढ़ने लगी। जुलाई और अगस्त में जिले में कोरोना के 6600 से अधिक मामले मिल चुके हैं। जबकि अगस्त में एक सप्ताह शेष है। हालांकि, संक्रमितों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण ज्यादा टेस्टिंग भी है। 
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गोरखपुर में लॉकडाउन के दौरान की तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के बीच 25 मार्च को पूरे देश में पहला लॉकडाउन 21 दिन के लिए लगा। फिर इसे आगे बढ़ाया गया, जोकि मई माह तक चला। एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। तालाबंदी के दौरान मार्च और अप्रैल माह में जिले में कोरोना के केवल दो केस मिले थे। जबकि मई में 77 केस सामने आए थे। आठ जून को अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी। जून में 261 केस मिले, लेकिन जुलाई में 1770 केस मिले। 23 अगस्त तक 5180 केस मिल चुके हैं। हालांकि, विभाग का तर्क है कि जांच का दायरा बढ़ाने की वजह से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
जरूरत के मुताबिक नहीं हैं लेबल टू-थ्री के बेड
स्वास्थ्य विभाग के पास लेबल-टू-थ्री के बेड की कमी है। यही वजह है कि गंभीर मरीजों को भर्ती करने में परेशानी होती है। बीआरडी में लेवल-टू और थ्री के 200 बेड हैं, जिनमें लेवल-थ्री के 40 बेड फुल हैं। लेवल-टू में 130 से अधिक मरीज भर्ती हैं। टीबी अस्पताल में हाल में 25 बेड से बढ़ाकर लेवल-टू के 95 बेड बनाए गए हैं। यहां व्यवस्था खराब होने की शिकायत मिलती रही है। रेलवे अस्पताल में लेवल-टू के 25 बेड हैं। स्पोर्ट्स कॉलेज में लेवल-वन के 200 बेड हैं। जिले में निजी और सरकारी अस्पतालों को मिलाकर 683 बेड हैं, इनमें 140 निजी अस्पतालों के हैं।

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फाइल फोटो। - फोटो : PTI
निजी अस्पताल: रुपये जमा करें तब होगा इलाज
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कुछ निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज के निर्देश दिए हैं। पनेशिया में शुरुआती चरण में कोविड के लिए 75 बेड का अस्पताल बनाया गया। इसमें 45 बेड लेवल-टू और 30 लेवल-थ्री के हैं। फातिमा अस्पताल में लेवल-टू के 25 बेड बनाए गए हैं। दोनों जगहों पर बेड फुल हैं। आर्यन में 20, न्यू उदय हॉस्पिटल में 20 बेड लेवल-टू के बनाए गए हैं। लेकिन इन निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का इलाज संभव नहीं है। यहां पर पांच दिन का बेड चार्ज आठ हजार से 13 हजार रुपये और आठ हजार रुपये दवा के नाम पर पहले ही जमा कर लिए जा रहे हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
60 से अधिक डॉक्टर हो चुके हैं संक्रमित
अनलॉक में नागरिकों के साथ डॉक्टरों के भी संक्रमित होने का सिलसिला जारी है। अब तक बीआरडी से लेकर जिला अस्पताल, सीएचसी और निजी अस्पताल के 60 से अधिक डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की बात करें तो यह संख्या 100 के पार है।
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फाइल फोटो। - फोटो : पीटीआई
होम आइसोलेशन ने बचाई विभाग और प्रशासन की लाज
सरकार की ओर से होम आइसोलेशन की अनुमति दिए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लाज किसी तरह बची है। अगर यह व्यवस्था नहीं होती तो अब तक अलक्षणिक मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में मारामारी की स्थिति उत्पन्न हो जाती। करीब 1600 संक्रमित अपने-अपने घरों में रह कर इलाज करा रहे हैं।
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फाइल फोटो।
एक नजर आंकड़ों पर
माह   कोरोना के  केस
अप्रैल       2
मई    77
जून 261
जुलाई    1770
अगस्त 5180

 
ठीक होने वाले मरीजों की संख्या
मई- 19
जून- 222
जुलाई-681
अगस्त- 3553
 
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोग गाइडलाइंस का पालन कर संक्रमण से बच सकते हैं। लोग जागरूक होंगे तभी संक्रमण की रफ्तार कम होगी। विभाग ने जांच भी तेज कर दी है। इसकी वजह से सही समय पर मरीजों की पहचान हो जा रही है। टीम संक्रमण को रोकने में लगी हुई है।
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