कोरोना के बढ़ते मामलों ने आम लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी है। किसी को किसी को शादी के लिए छुट्टी नहीं मिल रही तो किसी को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सामने आया है। यहां दूल्हे को घर आने के लिए ट्रेन का कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है तो दुल्हन घर पर क्वारंटाइन है। शादी में महज तीन दिन बचे हैं। ऐसे में दोनों ही परिवार के लोग परेशान हैं कि शादी हो तो कैसे?
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : istock
जानकारी के अनुसार, जिले के पिपराइच के रहने वाले श्याम और शालिनी की शादी 26 अप्रैल को होनी है। श्याम दिल्ली में नौकरी में करते हैं और शालिनी मुम्बई में। शालिनी बीते 18 अप्रैल को गोरखपुर पहुंच गईं। हालांकि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वह सेल्फ क्वारंटाइन हो गईं हैं। उधर 18 अप्रैल से श्याम ट्रेन के टिकट के लिए परेशान हैं। उन्हें कंफर्म बर्थ ही नहीं मिल रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
श्याम का कहना है कि बस में भीड़ की हालत देखते हुए इतने लंबे सफर का रिस्क लेने का साहस नहीं कर पा रहा हूं। उन्होंने कोरोना को देखते हुए रिश्तेदारों को तो शादी में आने से मना कर दिया है लेकिन वे शादी तय तारीख पर ही करेंगे। टिकट मिले या न मिले। भले ही दिल्ली से गोरखपुर तक बाइक से आना पड़े।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
श्याम ने बताया कि उन्हें ट्रेन में जगह नहीं मिली तो बाइक की टंकी फुल कराकर गोरखपुर के लिए निकल लूंगा। उन्होंने बताया कि बाइक से गोरखपुर आने में 20 घंटे लगेंगे। आने के बाद वह कोरोना की जांच कराएंगे और तय तारीख पर बिल्कुल सादे समारोह में शादी करेंगे।
इधर, शालिनी का कहना है कि वह क्वारंटाइन जरूर हैं लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं है। कोरोना के कोई लक्षण नहीं है। श्याम आ जाएं तो निर्धारित समय पर सादे समारोह में दोनों विवाह करेंगे। उन लोगों की वजह से रिश्तेदारों-मित्रों को दिक्कत न हो इसलिए घर में ही 15 से 20 लोगों की उपस्थिति में शादी करने की योजना बनाई है। इससे कोविड प्रोटोकाल का पालन भी हो जाएगा और हमारी शादी भी।