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जानिए, सीएम योगी ने क्यों तोड़ी यह धार्मिक परंपरा, वजह जानकर खुश हो जाएंगे आप

Fri, 03 Apr 2020 01:03 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास में पहली बार गोरखनाथ मंदिर की एक परंपरा को तोड़ दिया है। हालांकि इस परंपरा का टूटना भी जन कल्याण से जुड़ा हुआ है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नवमी पर मुख्यमंत्री मंदिर नहीं आए। आगे की स्लाइड्स में देखिए पूरी कहानी...
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Gorakhnath temple - फोटो : अमर उजाला।
दरअसल, गोरखनाथ मंदिर में नवमी के दिन नाथ परंपरा के अनुसार कन्या पूजन कराया जाता है। हालांकि कोरोना वायरस के कारण पूरे देश लॉकडाउन किया गया और लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाने की अपील की जा रही है। ऐसे में नवरात्र की नवमी पर कन्या पूजन का आयोजन नहीं किया गया।
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Gorakhnath temple - फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की गैरजूदगी में मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ ने नौ कन्याओं और एक बटुक भैरव के घर जाकर पूजन की आनुष्ठानिक औपचारिकता पूरी की। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का पालन किया गया।

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Cm yogi - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले मंदिर की यज्ञशाला में प्रधान पुरोहित रामानुज त्रिपाठी वैदिक ने वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चैत्र नवरात्र की नवमी पर हवन-पूजन किया। इस आनुष्ठानिक कार्यक्रम में यजमान की भूमिका में प्रधान पुजारी कमलनाथ की मौजूदगी रही।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file) - फोटो : अमर उजाला
समस्त कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी की देखरेख में संपन्न कराए गए। वहीं मंदिर स्थित राम दरबार में चल रहे नौ दिवसीय रामचरित मानस पाठ का समापान भी रामनवमी के दिन हो गया।
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