गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में सोमवार को जनता दरबार लगा, पर फर्क इस बार इतना रहा कि अफसरों ने फरियाद सुनीं। मुख्यमंत्री जनता दरबार में नहीं जा सके। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने जाकर जनता की समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिया कि उनकी समस्या का समाधान होगा। इस बार के जनता दरबार में होली के त्योहार के नाते भीड़ कम थी। लगभग 100 लोग ही अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे।
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जनता दरबार में पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को सिद्धार्थनगर और कुशीनगर का दौरा करने के बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे तो रात्रि विश्राम किया। सुबह उठकर सबसे पहले वह गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर का भ्रमण कर वहां की साफ सफाई सहित अन्य व्यवस्था को देखी।
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- फोटो : अमर उजाला
मंदिर भ्रमण के पश्चात वह गोशाला गए। गायों को गुड़ व बिस्किट खिलाए। गायों के बच्चों के साथ थोड़ी देर तक रहे। उन्हें दुलारा और पुचकारा। उनके चारा-पानी की व्यवस्था देखी। फिर अपने कार्यालय की तरफ आ गए, जहां अपने पालतू कुत्ते कालू को सहलाया। इसके बाद वह अपने सोफा कक्ष में आकर बैठ गए। वहां बारी बारी से लोगों से मिलते रहे।
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जनता दरबार में महिला की फरियाद सुनते डीएम और एसएसपी।
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने सुनी फरियाद
यूं तो गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं कार्यालय प्रभारी मोतीलाल सिंह हर रोज लोगों की समस्याएं सुनते हैं, पर जनता दरबार में सीएम लोगों की बात सुनते हैं। जो लोग फरियाद लेकर आए उनकी समस्याएं डीएम एसएसपी ने सुनीं। बाहर से जो लोग आए थे उनके प्रार्थना पत्र को अलग से रखा गया, जिसे लखनऊ भेजा दिया गया। तमाम प्रार्थना पत्र कार्यालय प्रभारी मोतीलाल सिंह को दिया गया।
जनता दरबार में लोगों की फरियाद सुनते डीएम के विजयेंद्र पांडियन।
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों के साथ की बैठक
मंदिर में गए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक। साथ ही कहा कि त्योहार को सकुशल संपन्न हो, इसकी पुख्ता व्यवस्था की जाए। गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत ढंग से मनाई जाने वाली होली के संबंध में भी जानकारी ली। विधायक शीतल पांडे, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पार्षदों ने तथा भाजपा के प्रमुख नेताओं ने उनसे मुलाकात की।