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कोरोना महामारी से बचने के लिए डॉक्टरों ने दी खास सलाह, अस्पताल के साथ घरों में भी करें ये काम

Sun, 19 Apr 2020 04:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सेंट्रलाइज्ड एसी की वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सेंट्रलाइज्ड एसी में हवा का प्रवाह हर तरफ होता है। ऐसे में किसी के खांसने से उसके ड्रॉपलेट हवा में तैरते रहते हैं। इसकी वजह से संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इसकी वजह से अस्पतालों में सेंट्रलाइज्ड एसी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए डॉक्टरों ने एहतियातन सलाह दी कि 15 मई तक एसी का प्रयोग न करें।
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जिले में कोरोना के मरीज भले ही न मिले हों, लेकिन एहतियातन जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन में तो सेंट्रलाइज्ड एसी नहीं लगाया गया है। वहीं, हाल बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड का है। लेकिन इन वार्डों में विंडो एसी लगे हैं। सलाह दी गई है कि विंडो एसी का भी प्रयोग मरीज आने पर न करें। मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए पंखे का इस्तेमाल करें।
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जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि सेंट्रलाइज्ड एसी से हर तरफ हवा जाती है। ऐसे में अगर कोई संक्रमित व्यक्ति खांस देता है तो उसके ड्रॉपलेट एसी की हवा में तैरते रहते है, जो दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। इसलिए सेंट्रलाइज्ड एसी के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। फिलहाल जिला अस्पताल के डॉक्टरों को भी सलाह दी गई है कि एसी का प्रयोग न करें। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पंखे की व्यवस्था की गई है। वहीं, एमआरआई और सिटी स्कैन में सेंट्रेलाइज्ड एसी को बंद कर दिया गया है।

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ठंडे देशों में ज्यादा पनपा कोरोना वायरस
वायरस सबसे पहले ऐसे देशों में पनपा, जहां मौसम ठंड था। ऐसे में यह कहां जा रहा है कि ठंड में यह वायरस तेजी से सक्रिय होते हैं। लिहाजा जिन अस्पतालों में सेंट्रलाइज्ड एसी की सुविधा है, वहां इसके फैलने की आंशका ज्यादा होती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुुमार ने बताया कि सेंट्रेलाइज्ड एसी मेडिकल कॉलेज में बंद कर दिए गए हैं। आइसोलेशन वार्ड में एसी का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। एक कोरोना पॉजिटिव तीन माह का मासूम भर्ती है, उसे एसी से दूर रखते हुए पंखे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। डॉक्टरों को भी एसी न चलाने की सलाह दी गई है।
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15 मई तक न चलाएं एसी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि 15 मई तक एसी न चलाएं, तो बेहतर होगा। इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी किया गया है। ऐसे में लोग घरों में भी एसी चलाने से बचें। 
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