बस्ती में बाग में दस साल बच्ची का शव मिला है। बच्ची के शरीर पर 45 जख्म मिले हैं। पोस्टमार्टम में हिंसक जानवरों के नोचने की पुष्टि हुई है। तीन महीने से संतकबीरनगर के बेलहर क्षेत्र की रहने वाली बच्ची ननिहाल में थी।
बस्ती के सोनहा थाना इलाके के टेढींकुईयां गांव के बाग में रविवार की सुबह एक 10 साल की बच्ची का खून से लथपथ शव मिला। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कुत्तों के झुंड ने शव को घेर रखा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 45 से अधिक जख्म मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि कुत्तों के हमले से बच्ची की मौत हुई है। संतकबीरनगर जिले के बेलहर कला क्षेत्र के फूलपुर गांव के रहने वाले गयासुद्दीन की पत्नी मेराजुन्निशा तीन महीने पहले बच्चों को लेकर टेढ़ीकुईयां निवासी अपने भाई इकबाल के घर आई थी।
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शव मिलने के बाद खेत में जांच करने पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेराजुन्निशा ने बताया कि उसकी बेटी नूर शबा उर्फ शब्बो (10) रविवार को तड़के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर बाग में आम बीनने गई थी। काफी देर तक वह नहीं लौटी तो परिवार को लगा कि शायद कहीं खेल रही होगी।
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मृतका की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब सात बजे गांव के लोगों ने बाग में एक बच्ची का शव देखा। शव को कुत्तों ने घेर रखा था। इस बीच खेत में सिंचाई के लिए गए मेराजुन्निशा के भाई इकबाल भी शव मिलने की जानकारी पाकर बाग में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि शव उनकी भांजी शब्बो का था।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव के सिर और पैर का हिस्सा मिट्टी से ढका हुआ था। माना जा रहा है कि अपने आपको बचाने के लिए बच्ची ने काफी प्रयास किया लेकिन कुत्तों ने पीछा नहीं छोड़ा।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले की जानकारी पर सीओ सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी और एसएचओ मोतीलाल भी मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि कुत्तों के नोचने से बच्ची की मौत हुई है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।
मृतक किशोरी की फाइल फोटो और घटनास्थाल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में फैली दहशत, समूह में बाहर निकलने की सलाह
टेढ़ीकुइया गांव में हिंसक कुत्तों का झुंड काफी दिनों से आतंक मचाए है। रविवार सुबह ही उसी गांव के सात वर्षीय बालक को भी कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। गांव के मो. हासिम का सात वर्षीय बेटा मैनुद्दीन रविवार की सुबह पांच बजे अपने बाबा के पीछे-पीछे गांव के बाहर सरयू नहर के पास शौच के लिए गया था। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और काटने लगे। चीख-पुकार सुनकर लोगों ने कुत्तों को खदेड़ कर उसे बचाया। मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिप्टी सीवीओ डॉ. बलराम चौरसिया ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक किया गया है कि वे बच्चों को अकेले न छोड़ें। बचाव के लिए दो-तीन लोगों के समूह में ही बाहर निकलें।