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जब रवि किशन से उनके पिता डेयरी का करवाना चाहते थे बिजनेस, मां ने ऐसे की थी मदद

Wed, 01 Jan 2020 06:38 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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- फोटो : अमर उजाला
नया साल 2020 गोरखपुर के सांसद रवि किशन के लिए दुखद समाचार लेकर आया, 31 दिसंबर 2019 की रात को उनके पिता का वाराणसी में स्वर्गवास हो गया। हम आपको रविकिशन और उनके पिता के बारे में खास बातें बताने जा रहे हैं। पढ़ें रवि किशन के गांव के छोरे से मेगास्टार बनने की कहानी...
 
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Ravi kishan Father - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन का जन्म तो मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक छोटी सी चाल में हुआ था लेकिन वे मूल रुप से जौनपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला मुंबई में पुरोहित थे और उनका डेयरी का छोटा सा बिजनेस था। रवि किशन जब10 साल के थे तब उनके पिता का उनके चाचा के साथ विवाद हो गया और धंधा बंदकर दोनों को जौनपुर लौटना पड़ा। रविकिशन यहां करीब सात साल तक रहे लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। उन्हें मुंबई की याद आती थी।
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Ravi kishan Father - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन के परिवार को बेहद गरीबी में दिन गुजारने पड़ रहे थे। वे मिट्टी के बने घर में रहते थे। एक समय ऐसा आया जब रविकिशन या तो मरने या गुंडा बनने की सोचने लगे थे। तभी उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन का डायलॉग सुना...मैं फेंके हुए पैसे नहीं लेता। इस डायलॉग ने उनका जीवन बदल दिया। पिता जी उन्हें जबरन डेयरी बिजनेस कराना चाहते थे लेकिन उनकी मां ने 500 रुपये दिए और रविकिशन जौनपुर से मुंबई चले गए। रवि किशन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि भोजपुरी फिल्मों में जाने की सलाह भी उनकी मां ने ही दी थी।

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सदर सांसद रवि किशन (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन जब मुंबई आए तो उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे बस का टिकट खरीद सकें। वह अक्सर पैसे बचाने के लिए पैदल ही आते-जाते थे। ज्यादातर समय वह वड़ापाव खाकर दिन गुजारते थे। करीब एक साल तक संघर्ष करने के बाद उन्हें फिल्म पीताबंर में काम करने का मौका मिला। रवि किशन ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उनकी इस सफलता में उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान था। उनके पिता श्याम नारायण शुक्ला का मानना था कि रवि किशन का जन्म ईश्वर के आशीर्वाद से हुआ है। रवि किशन ने बताया था कि पिता जी अक्सर उनकी पिटाई कर देते थे लेकिन वह हमेशा उनसे प्यार करते थे।
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रवि किशन (फाइल फोटो)
रवि किशन ने बताया था कि अगर पिता जी ने मेरी पिटाई नहीं की होती तो आज मैं एक नशेड़ी या पुरुष वेश्या बन जाता। पिता जी ने मुझे रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की सीख दी जिसे मैं आज भी पालन करता हूं। रवि किशन पर उनके पिता का गहरा प्रभाव पड़ा है। पिता जी पुरोहित थे, इसलिए अध्यात्म की ओर उनकी रुचि जगी और रवि किशन भगवान शिव के भक्त हैं। रवि किशन के पिता ने उन्हें बताया था कि यह पूरी दुनिया एक माया है और शरीर और मन को शुद्ध रखना सीखो।
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