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यूपी में भाजपा नेता का कत्ल: गोली नहीं चाकू से गोदकर ही की थी राजकुमार की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

Thu, 19 Mar 2026 03:15 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

यूपी में भाजपा नेता की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। प्रापर्टी डीलर राजकुमार की हत्या गोली नहीं चाकू से गोदकर की गई थी। पुलिस सीसीटीवी कैमरा और सीडीआर खंगाल रही है। अभी चाकू बरामद नहीं हुआ है। हत्यारोपी जेल भेज दिए गए हैं।
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मृतक राजकुमार चौराह और सीसीटीवी में कैद दोनों हत्यारोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी के गोरखपुर में प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या गोली मारकर नहीं बल्कि चाकू से ताबड़तोड़ वार कर की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को यह जानकारी मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद नहीं कर सकी है।

मंगलवार की सुबह माॅर्निंग वॉक पर निकले प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार की हत्या कर दी गई थी। तब बताया गया था कि बदमाशों ने पहले गोली मारी फिर चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। देर रात हुए प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने घटना में शामिल दो आरोपियों के गिरफ्तार होने की जानकारी दी, लेकिन वारदात में प्रयुक्त हथियार के बारे में स्पष्ट नहीं किया था।
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह बताया गया था कि बदमाशों ने फायरिंग की थी। अब पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का बयान लिया है, जिसके बाद स्पष्ट हो गया है कि शरीर के सभी घाव धारदार हथियार (चाकू) के ही थे। बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों डंपर चालक राज चौहान और विपिन यादव को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

 
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रोती बिलखती पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम बताने के साथ ही उन्हीं के पास हत्या में प्रयुक्त चाकू होने की जानकारी दी है। अब पुलिस टीमें घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। घटनास्थल के ठीक सामने वाले घर का सीसीटीवी कैमरा खराब होने की वजह से अब पुलिस अन्य जगहों के कैमरों व सीडीआर की जांच कर रही है ताकि नामजद आठ आरोपियों की भूमिका सामने आ सके।
 

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भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या( फाइल फोटो) और गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता बोले-बचाए जा रहे असल गुनहगार
हत्याकांड में दो डंपर चालकों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने मामले के पर्दाफाश किया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। पिता जंगीलाल ने आरोप लगाया कि असली साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं, जबकि निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। 

 
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नामजद आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जबकि असल गुनाहगार वहीं है, उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बहन संगीता ने कहा कि जिन दो लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है, अकेले हत्या करना उनके बस की बात नहीं है। 

 
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भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनका कहना है कि दोनों आरोपी अकेले हत्या नहीं कर सकते। असल गुनहगारों ने उन्हें पैसों का लालच देकर आगे कर दिया है। परिजनों ने भाजपा पार्षद समेत आठ नामजद आरोपियों पर हत्या कराने का आरोप दोहराया है। 

 
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राज्यसभा सांसद डॉ आरएमडी अग्रवाल के साथ मृतक राजकुमार चौहान की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई, लेकिन परिवार का दावा है कि जांच अधूरी है और असली गुनहगारों पर अभी तक शिकंजा नहीं कसा गया है।

 

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भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले में दो आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस की आठ टीमें दबिश दे रही हैं।-ज्ञानेंद्र, एसपी नार्थ

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घटना के बाद जुटी भीड़ को समझाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सियासी शह मिली तो बढ़ने लगा कद...हत्या के बाद अब बिरादरी में बढ़ी खींचतान
प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान भले ही पार्षद का पिछला चुनाव हार गए लेकिन सियासी शह मिलते ही उनका कद बिरादरी में तेजी से बढ़ने लगा था। यह बात शायद दूसरे धड़े को नागवार गुजर रही थी। जानकारों का कहना है कि हत्याकांड के पीछे राजकुमार चौहान की लगातार बढ़ती राजनीतिक रसूख भी वजह हो सकती है। वह विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

 

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घटनास्थल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, वारदात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से कानून-व्यवस्था पर तंज कसे जाने फिर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के तीखे बयान से सियासी पारा गरमा गया है। इसके भी कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।

 

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अखिलेश यादव व एक्स पर किया पोस्ट - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार चौहान एक दशक से राजनीति में सक्रिय थे। उनके बिरादरी के लोगों का कहना है कि आरोपी बनाए गए धर्मदेव चौहान से राजकुमार के अच्छे रिश्ते थे लेकिन पार्षद चुनाव को लेकर दोनों में खटक गया। 

 

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जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षित सीट होने पर राजकुमार ने अपने ही करीबी की पत्नी को चुनाव लड़ाकर जीता दिया। बस यहीं से राजकुमार का बिरादरी में सियासी कद बढ़ने लगा। उन्होंने युवाओं की लंबी टीम खड़ी कर ली।

 

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रोती बिलखती पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद वह भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. आरएमडी अग्रवाल के संपर्क में आ गए और सियासी कद और औरा भी बढ़ने लगा। उनका राजनीतिक नेटवर्क बड़े नेताओं तक बढ़ने लगा था। कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ गई थीं।

 

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घर पहुंचे कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद डॉ आरएमडी अग्रवाल व डीएम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाजपा से पार्षद प्रत्याशी रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील जायसवाल बताते हैं-राजकुमार अपने लोगों के लिए हर पल खड़े रहते थे। इसके चलते युवाओं की टीम उनके साथ जुड़ती गई। उन्हें यह भरोसा भी मिला था कि विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट मिल जाएगा। 

 

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भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके लिए वह गोरखपुर में पिपराइच या बस्ती जिले की विधानसभा क्षेत्र से चुनावी समीकरण तैयार करने लगे थे। दोनों ही क्षेत्रों में चौहान बिरादरी की संख्या ज्यादा है। हालांकि, उनकी हत्या के बाद अब बिरादरी में खींचतान बढ़ गई है।

 
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भाजपा नेता की हत्या प्रकरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य प्रो. सीपीएम त्रिपाठी कहते हैं- ऐसी घटनाओं का असर सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ता है। इसके दूरगामी परिणाम भी देखने को मिलते हैं, क्योंकि जातीय टकराहट को हवा देने वाले भी बहुत लोग आ जाते हैं। जब बड़े नेताओं के बयान आने लगते हैं तो खटास ज्यादा बढ़ जाती है।
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