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UP: 'जलने वालों ने हमें जीते जी मार डाला, पूरे परिवार को खत्म कर दिया'; भाजपा नेता राजकुमार की पत्नी का दर्द

Thu, 19 Mar 2026 03:16 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या के बाद पत्नी सुशीला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सुशीला का कहना था कि जलने वालों ने पति को ही नहीं पूरे परिवार को खत्म कर डाला। सुशीला कहती हैं-तीन साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। पति हार गए थे। धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसी के बाद से रंजिश बढ़ती गई। 
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BJP Leader Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में मंगलवार सुबह प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की हत्या ने सिर्फ एक जान नहीं ली बल्कि पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। घर में पसरा सन्नाटा, रोते-बिलखते बच्चे और बेसहारा खड़ी पत्नी भी बार-बार यही दोहरा रहीं थीं। पत्नी सुशीला ने बिलखते हुए कहा-हमारा सब कुछ लुट गया। पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे। इससे जलने वालों ने उनके साथ पूरे परिवार को खत्म कर डाला..।
 
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुशीला कहती हैं-तीन साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। पति हार गए थे। धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसी के बाद से रंजिश बढ़ती गई। दो साल पहले पार्षद धर्मराज के लोगों ने उनके भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। इसमें भतीजे को पुलिस ने चौकी में बैठा लिया था। पति जब उसे छुड़ाने गए तो उनको भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। एक महीना जेल काटकर आए थे, तब से ही ये लोग दुश्मनी निकालने में लगे थे।
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रोती बिलखती पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजन जिला प्रशासन के रवैए से नाराज
परिजनों ने जिला प्रशासन के रवैए पर भी सवाल उठाए हैं। सुशीला बताती हैं-बुधवार को जिलाधिकारी और एसएसपी ने मिलने के लिए बुलाया था। अफसरों ने कहा कि बच्चों को कहां पढ़ाना है, बताओ। बिजनेस के लिए लोन दिलाएंगे। मैंने उनसे कहा कि जब पति ही नहीं रहा तो लोन लेकर क्या करेंगे। 

 

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गांव में पुलिस का पहरा बना रहा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि 36 घंटे बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री दारा सिंह चौहान ने 10 लाख रुपये की मदद देने की बात कही है। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने पहले भी कई बार धमकी दी थी।
 
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मृतक राजकुमार चौहान का आवास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
योगी जी से है फरियाद...आरोपियों के घर पर चले बुलडोजर
सुशीला ने कहा-मेरा परिवार सड़क पर आ गया। मुख्यमंत्री योगी से फरियाद है मेरी, इन अपराधियों को मार डालना चाहिए, उनके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए। जैसे मेरा पति मरा है, वैसे ही उनका भी एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की।
 
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता बोले-बचाए जा रहे असल गुनहगार
हत्याकांड में दो डंपर चालकों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने मामले के पर्दाफाश किया है, लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। पिता जंगीलाल ने आरोप लगाया कि असली साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं, जबकि निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। 

 
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घटना के बाद जुटी भीड़ को समझाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नामजद आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जबकि असल गुनाहगार वहीं है, उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बहन संगीता ने कहा कि जिन दो लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है, अकेले हत्या करना उनके बस की बात नहीं है। 

 

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भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या( फाइल फोटो) और गिरफ्तार दोनों आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनका कहना है कि दोनों आरोपी अकेले हत्या नहीं कर सकते। असल गुनहगारों ने उन्हें पैसों का लालच देकर आगे कर दिया है। परिजनों ने भाजपा पार्षद समेत आठ नामजद आरोपियों पर हत्या कराने का आरोप दोहराया है। 
 

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जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्यारोपी की मां बोली.. मारपीट से तंग आ गया था राज
जेल भेजे गए राज की मां निर्मला चौहान ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। राजकुमार का भतीजा नीरज उनके बच्चों के साथ लगातार मारपीट करता था। राज लंबे समय से इस प्रताड़ना झेल रहा था। उसने हत्या की या नहीं... ये उन्हें नहीं मालूम।

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घटनास्थल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
निर्मला के अनुसार, राज को मछलीपालन का काम मिल गया था। घटना के दिन शाम करीब छह बजे उसने फोन कर बताया था कि वह माटी गिराने का काम कर रहा है लेकिन उसकी गाड़ी कहीं फंस गई थी। इसलिए वह देर रात तक नहीं आया था।

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जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाचा ने दीपक का नाम लिया था...जेल गए आरोपियों को जानते तक नहीं
राजकुमार के भतीजे नीरज का कहना है कि हम डीएम साहब के पास गए थे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई का इंतजाम कराने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वह पुलिस के रवैए से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि हमने जिनका नाम दिया, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं था, लेकिन चाचा की पहचान और दबदबे से लोग खुन्नस रखते थे। 
 
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रोती बिलखती पत्नी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमें यह तक नहीं पता कि आरोपी कहां रखे गए हैं। चाचा मरने से पहले दीपक का नाम लेकर चिल्ला रहे थे। पुलिस जिन्हें हत्यारोपी बताकर जेल भिजवाया है, उन्हें न तो वह जानते हैं और न ही एफआईआर में नामजद कराया था। राजकुमार की बहनें मंजू, अंजली, कुंती देवी और मोहनी ने सीबीआई जांच की मांग की है।
 
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