फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन छह दिनों में अंतरिक्ष में होने वाली हैं ये बड़ी घटनाएं, जानिए क्या होगा इसमें खास

Thu, 16 Jul 2020 12:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 6
Astronomical event - फोटो : Social media
ग्रहों की बदलती चालों से बुधवार 14 से 20 जुलाई तक का समय खगोल विज्ञान के लिहाज से बहुत खास है। इसके पहलुओं को ज्योतिषाचार्य और वैज्ञानिक दोनों ही तरह से समझने की जरूरत है। जानिए, भारत के लिए कैसा रहेगा इस दुर्लभ संयोग का असर।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
Astronomical event - फोटो : Social media
बुधवार की रात को पृथ्वी ग्रह सूर्य और गुरु के बीच आया। जो कि कई सालों में होने वाला खास संयोग था। इस स्थिति के कारण सात दिनों में ही गुरु, शनि और प्लूटो नामक तीन ग्रहों के साथ दुर्लभ संयोग बनते नजर आ रहे हैं। विज्ञान में इस संयोग को जुपिटर एट अपोजिशन कहा जाता है। 2020 से पहले यह घटना 2000 में हुई थी और आने वाले समय 2040 में फिर यही स्थिति बनेगी।
विज्ञापन

3 of 6
Astronomical event
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, जब पृथ्वी किसी अन्य ग्रह और सूर्य के बीच एक सीधी रेखा में आ जाती है तो इसे अपोजिशन कहा जाता है। पृथ्वी 365 दिन सूर्य की परिक्रमा करती है और इस एक साल में सभी ग्रहों के साथ पृथ्वी की ऐसी स्थिति बन जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ सात दिनों में तीन ग्रह गुरु, शनि और प्लूटो के साथ यह स्थिति बनना एक दुर्लभ संयोग है।

4 of 6
Astronomical event
बुधवार की दोपहर में गुरु यानी बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य, तीनों ग्रह एक ही लाइन में आ गए, इस बदलाव के बारे में ज्योतिष पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि भारत के लिए ग्रहों की यह स्थिति काफी शुभ साबित होगी और हमें आर्थिक मोर्चे पर अब मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन

5 of 6
Astronomical event
16 जुलाई को बदलेगी चाल
16 जुलाई की सुबह पृथ्वी ग्रह सूर्य और प्लूटो के बीच आ जाएगा। इस दिन सुबह 7.47 बजे यह घटना देखी जा सकेगी। तब ये तीनों ग्रह एक ही लाइन में होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Astronomical event
20 जुलाई को आएगा सैटर्न
20 जुलाई की रात सैटर्न एट अपोजिशन की स्थिति बनेगी। 20-21 जुलाई की मध्यरात्रि में 3.44 बजे पृथ्वी ग्रह सूर्य और रिंग वाले ग्रह शनि के बीच एक सीध में आ जाएगा। 2000 में भी गुरु और शनि की यह स्थिति बनी थी। उस साल 19 नवंबर को सैटर्न एट अपोजिशन की घटना हुई थी और 28 नवंबर को जुपिटर एट अपोजिशन हुआ था। तब इन घटनाओं में 9 दिनों का अंतर था। इसके बाद 2040 में ये घटनाएं फिर से होंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें