हादसा में मौत के बाद भी नहीं चेते: शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे थे, नकहा क्रासिंग बंद था। कोई ट्रेन गुजरने वाली थी। क्रासिंग बंद होने से फर्टिलाइजर मोड़ तक कार, बाइक और ऑटो खड़े थे। मोड़ पर ही गर्डर गिरा पड़ा था। गर्डर के सामने बैरिकेडिंग थी। उससे थोड़ी दूरी पर ही सिंगल लेन सड़क से सटे दोनों तरफ सरिया रखा गया है। इसी बीच फर्टिलाइजर की तरफ जा रहे एक पिकअप में सड़क की तरफ निकला सरिया फंस गया।
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सड़क पर खुले में गिरा सरिया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
निर्माणाधीन नकहा ओवरब्रिज के पास गर्डर से दबकर एसएसबी इंस्पेक्टर की मौत के बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। कार्य स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। सड़क के दोनों तरफ बेतरतीब तरीके से सरिया रखी गईं हैं और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए। यही नहीं, जिस गर्डर से हादसा हुआ था, उसे घटनास्थल से हटाया भी नहीं गया।
सड़क के आधे हिस्से पर बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन लोग उसी रास्ते आ-जो रहे हैं क्योंकि वैकल्पिक रास्ता बनाया ही नहीं गया है। लोगों को सावधान करने के लिए प्रशिक्षित गार्ड भी तैनात नहीं किए गए हैं।
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निर्माणाधीन ब्रिज के नीचे से गुजरते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे थे, नकहा क्रासिंग बंद था। कोई ट्रेन गुजरने वाली थी। क्रासिंग बंद होने से फर्टिलाइजर मोड़ तक कार, बाइक और ऑटो खड़े थे। मोड़ पर ही गर्डर गिरा पड़ा था। गर्डर के सामने बैरिकेडिंग थी। उससे थोड़ी दूरी पर ही सिंगल लेन सड़क से सटे दोनों तरफ सरिया रखा गया है।
इसी बीच फर्टिलाइजर की तरफ जा रहे एक पिकअप में सड़क की तरफ निकला सरिया फंस गया। चालक को इसका अंदाजा नहीं लगा। मजदूरों के शोर मचाने पर चालक ने गाड़ी रोकी। पिकअप से छटक कर सरिया बाहर निकल गया। संयोग अच्छा था कि पिकअप के पीछे कोई वाहन नहीं था अन्यथा लोग चोटिल हो जाते। वहां मौजूद मानबेला के संतोष सिंह ने बताया कि इस रास्ते पर हर जगह लापरवाही मिल जाएगी। एसएसबी एक जवान की जान चली गई, लेकिन कोई सुधार नहीं है।
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निर्माणाधीन ब्रिज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
घटनास्थल से महज 20 मीटर दूरी पर स्थित पान की दुकान पर खड़े नरेश ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। बृहस्पतिवार को भी यहीं खड़े थे। क्रेन लगाकर गर्डर को ट्रेलर से उतारा जा रहा था और लोग उसी रास्ते जा रहे थे। लोगों को रोका नहीं गया था। अभी पहला ही गर्डर जंजीर में बांध कर उतारा जा रहा था, तभी दर्दनाक हादसा हो गया। उस समय रेलवे का फाटक बंद था नहीं तो इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था।
निर्माण स्थल से जा रहे लोग, रोकने वाला कोई नहीं
नकहा रेलवे क्रासिंग से 100 कदम पहले ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। आवाजाही के लिए कॉलोनी के रास्ते डायवर्जन किया गया है लेकिन सभी लोग निर्माण स्थल की ओर से ही आ-जा रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे से कार सवार, एक ऑटो को ओवरटेक करने लगा।
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नकहा रेलवे लाइन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ओवरब्रिज बनाने के लिए लगाए गए लोहे के अस्थायी पिलर से टकराते बचा। यह देखकर लोगों ने कार सवार को खूब सुनाया। फर्टिलाइजर कॉलोनी के रहने वाले कान्हा तिवारी ने बताया कि सख्ती से रास्ता बंद करा देना चाहिए वरना किसी दिन यहां भी हादसा हो सकता है। कोई मानने वाला नहीं है।
नौसड़-पैड़लेगंज सिक्स लेन पर भी खतरे बड़े
नौसड़-पैड़लेगंज सिक्स लेभ्पर भी खतरे बड़े हैं अगर संभलकर नहीं चले तो हादसा हो सकता है। रुस्तमपुर ढाले से थोड़ा आगे बढ़ने पर ओवरब्रिज के लिए बने पिलर के बगल में ही सरिया रखा गया है। इसे घेरा भी नहीं गया है। सड़क पर गडढे हैं और अगर कोई गाड़ी ओवरटेक करती है तो सरिया के पास से ही गुजरती है।
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निर्माणाधीन ब्रिज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक्सपर्ट की राय
निर्माण स्थल पर पहली प्राथमिकता सुरक्षा होनी चाहिए। जहां काम चलता है वहां सुरक्षा घेरा लगाते हैं और साथ ही सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाते हैं। सुरक्षा गार्ड ट्रैफिक पुलिस से प्रशिक्षित होते हैं, मौके पर ट्रैफिक को वही नियंत्रित करते हैं। नकहा ओवरब्रिज की घटना में तकनीकी स्तर पर भी चूक हुई है।
जिस क्रेन या हाइड्रा से गर्डर को उठाया जा रहा था उसका परीक्षण जरूरी होता है, लेकिन अगर चेन या हुक टूट जाए तो यह गंभीर बात है। ऐसा तभी संभव है जब वह बहुत पुराना हो और जंग लगा हो। इसके अलावा अगर चार-पांच टन का गर्डर है तो उसके लिए 25 टन से कम का क्रेन इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इसकी वजह यह है कि जब गर्डर या बूम को सीधा उठाते हैं तो वह अपनी क्षमता से काम करता है, लेकिन झुकने पर उसकी क्षमता कम होती जाती है: दीपक गोविल, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक सेतु निगम
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निर्माणाधीन ब्रिज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षा के मानक का पालन करने के निर्देश पूर्व में दिए गए हैं। निर्माणाधीन नकहा ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे सरिया रखने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो उसको चेक कराया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: मिथिलेश कुमार, जीएम सेतु निगम
हादसे के बाद चेता सेतु निगम, गाइड लाइन जारी पर पालन नहीं
घटना के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक एके सिंह की ओर से सभी साइट इंचार्ज और सहायक अभियंताओं को पत्र भेजकर कार्य स्थल पर बैरीकेडिंग, श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण, कार्यस्थलों पर स्टेजिंग, सरिया, शटरिंग, डी-शटरिंग कंक्रीट इत्यादि संबंधी काम होने के दौरान सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
यह भी कहा गया है कि बैरीकेडिंग के भीतर बाहरी लोगों के आवागमन और वाहनों को भी रोककर काम कराया जाए, लेकिन नकहा क्रासिंग के पास सुरक्षा का कोई इंतजाम देखने को नहीं मिला। उधर, विभाग ने शनिवार तक सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करके रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद साइट पर किसी तरह की दुर्घटना होने पर साइट इंचार्ज को जिम्मेदार माना जाएगा।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा को लेकर यह है नियम
- यातायात को डाइवर्ट करने के लिए साइनबोर्ड लगाना चाहिए।
- यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक मार्शल तैनात किए जाएं।
- यातायात के लिए सुरक्षा बैरिकेड्स लगाना जरूरी।
- आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करना।