ठेले पर लेटीं बीमार कैलाशी।
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बुजुर्ग ठेला चालक रामकेवल (66) निवासी महावनखोर, कैपियरगंज ने बताया कि वह उनकी पत्नी कैलाशी (66) करीब दस वर्षों से बीमार है, जो भी जेवर गहने थे, सब बेंचकर इलाज करा चुका। बताया कि बीते कुछ दिन पहले गिरने से पत्नी की कमर में चोट लग गई, जिसके इलाज के लिए आज सुबह अपने ठेले पर लादकर गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर पीपीगंज पीएचसी पहुंचा, लेकिन वहां न तो डॉक्टर मिले और न ही कोई स्टाफ। काफी देर तक इंतजार के बाद निजी अस्पताल ले गए लेकिन वहां इलाज और भर्ती के लिए पैसा न होने से बीमार पत्नी को वापस घर ले जाना पड़ा रहा है। जबकि मेरे पास आयुष्मान कार्ड भी है। इससे कैसे नि:शुल्क इलाज होता है इसके बारे में न तो मुझे जानकारी है और न ही किसी ने बताया।