बेसिक शिक्षा विभाग ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहे कई शिक्षकों का भांडा फूटने, बर्खास्त होने, आधा सत्र बीतने के बावजूद किताब और यूनिफार्म का वितरण न होने समेत कुछ अन्य वजहों से साल भर नकारात्मक चर्चा में रहा है। वहीं, कई गुरुओं (शिक्षकों) ने व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करके मिसाल भी कायम की है। जिले के तमाम स्कूलों का कायाकल्प किए जाने से सुविधाएं तो मिलीं, लेकिन कई कमियां रह गई हैं। पेश है, पूरे साल में बेसिक शिक्षा की खामियों और खूबियों का लेखाजोखा...
साल भर में 10 फर्जी शिक्षक बर्खास्त
एक वर्ष में परिषदीय स्कूलों में कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले 10 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। इसके बाद कुल बर्खास्त शिक्षकों का आंकड़ा 84 पहुंच गया। बर्खास्त शिक्षकों ने करीब 40 करोड़ रुपये की धनराशि वेतन के मद में डकारी है। मगर, इनसे रिकवरी ढेेला भर भी नहीं की जा सकी है।