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यहां 80 साल का बुजुर्ग खजड़ी बजाकर सुनाता है आपबीती, भीख में मिले रुपये से लड़ता है मुकदमा

Wed, 10 Feb 2021 03:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
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Deoria news - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरीबाजार ब्लाक के लबकनी गांव निवासी सीताराम चौहान की जमीन पट्टीदारों ने छीना तो बुढ़ापे का सहारा भगवान बनें। ओढ़ने-बिछाने के लिए झोले में कुछ कपड़ों के सिवा उसके पास कुछ नहीं है। दिनभर खजड़ी बजाकर लोगों से आपबीती सुनाते हैं। भीख में मिले रुपयों से अपना पेट पालता है और पट्टीदारों से मुकदमा लड़ता है। बुधवार को वह कलेक्ट्रेट स्थित चकबंदी अधिकारी प्रथम के यहां मुकदमा देखने आया था। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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Deoria news - फोटो : अमर उजाला।
80 वर्षीय सीताराम की यादाश्त अब मुकदमों की तारीख याद रखने लायक नहीं है। तारीख 17 फरवरी को थी और वह दस को ही मुकदमे की पैरवी करने चले आए थे। पेशकार और सीओ के समझाने के बाद वह डीएम कक्ष से थोड़ी दूरी पर बैठकर खजड़ी के सहारे अपबीती सुना रहे थे।
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Deoria news - फोटो : अमर उजाला।
उनका कहना था कि मैं जब छोटा था तभी असम चला गया था। वहीं शादी हुई और दो बेटे हुए अमर और कमल। जब वह कमाने खाने लायक हुए तो दोनों की मौत हो गई। सीताराम दस साल पूर्व गांव लौट आए। यहां पैतृक जमीन पर पट्टीदारों ने कब्जा कर लिया था। शिकायत करने थाने पर गए तो कोई सुनवाई नहीं हुई।

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Deoria news - फोटो : अमर उजाला।
खतौनी में इनका नाम दर्ज ही नहीं था। वर्ष 2014 में चकबंदी अधिकारी प्रथम के यहां मुकदमा किया। मुकदमे का खर्च और पेट पालने के लिए सीताराम अपनी जीवनी को संगीत बद्ध कर लोगों को सुनाते हैं।

 
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Deoria news - फोटो : अमर उजाला।
इस बाबत चकबंदी अधिकारी प्रथम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सीताराम के केस की सुनवाई तारीख के अनुसार हो रही है। इन्हें वकील को बुलाने के लिए कहा गया है ताकि निर्णय जल्द हो सके।
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