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आखिरी बार बेटे को देखने की इच्छा में गुजार दिए 50 दिन, शव आते ही रो पड़ा पूरा गांव

Fri, 14 Aug 2020 06:03 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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रोते बिलखते परिजन। (इनसेट में मृतक) - फोटो : अमर उजाला।
एकलौता बेटा गया तो घर की माली हालत सुधारने को था मगर गांव उसका शव लौटा। दोहा कतर में काम करने के दौरान ही गोरखपुर जिले के गगहा के गंभीरपुर निवासी राकेश कुमार चौधरी की मौत हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social Media
26 जून को मौत की खबर के बाद परिवार सदमे में आ गया मगर इच्छा सिर्फ यही थी कि आखिरी बार बेटे के शव को हाथ लगा लिया जाए। इसी इच्छा को जाहिर करते हुए गांव के किसान नेता विकास सिंह से संपर्क किया फिर ट्विट और सांसद कमलेश पासवान की पहल पर किसी तरह से शुक्रवार की सुबह शव गांव पहुंचा। शव आते ही घर, परिवार ही नहीं गांव के लोग भी अपने आंसू को रोक नहीं पाए।
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मृतक राकेश कुमार चौधरी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, गंभीरपुर निवासी रामसरन चौधरी का एकलौता बेटा राकेश कुमार चौधरी परिवार की माली हालत सुधारने के लिए विदेश जाने का फैसला किया। 15 मई 2019 को विदेश के लिए उड़ान भरी और वहां पर नौकरी भी ठीक ठाक मिल गई।
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Gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
मगर 26 जून को काम करने के दौरान ही ऐसा चोट लगा कि उसकी मौत ही हो गई। सबकुछ बदल गया। जिस घर में खुशियां थीं वहां पर मातम छा गया। परिवार वालों को पता चला तो शव लाने के लिए गुहार लगाने लगे। शुक्रवार को शव आने के बाद मुक्तिपथ पर दाह संस्कार किया गया। कांपते हाथों से पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी।
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