सांकेतिक तस्वीर।
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26 जून को मौत की खबर के बाद परिवार सदमे में आ गया मगर इच्छा सिर्फ यही थी कि आखिरी बार बेटे के शव को हाथ लगा लिया जाए। इसी इच्छा को जाहिर करते हुए गांव के किसान नेता विकास सिंह से संपर्क किया फिर ट्विट और सांसद कमलेश पासवान की पहल पर किसी तरह से शुक्रवार की सुबह शव गांव पहुंचा। शव आते ही घर, परिवार ही नहीं गांव के लोग भी अपने आंसू को रोक नहीं पाए।