फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसे कैसे जीतेंगे कोरोना से जंग: इस कोविड अस्पताल की हालत ऐसी, मरीज हाथ जोड़कर घर जाने की कर रहे अपील

Wed, 21 Apr 2021 10:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
gorakhpur covid hospital - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए 100 बेड टीबी अस्पताल की हालत बद से बदतर है। एक बार अगर मरीज भर्ती हो जा रहे हैं तो वह खुद ही परिजनों से मान-मनौव्वल कर दूसरे जगह इलाज कराने की बात कह रहे हैं। 90 बेड के इस अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद भी मरीजों का इलाज हो नहीं पा रहा है। टीबी अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक मरीज फर्श पर उल्टी करके पड़ा है, लेकिन उसे कोई देखने वाला नहीं है।

 
विज्ञापन

2 of 5
gorakhpur covid hospital - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक 13 अप्रैल से 100 बेड टीबी अस्पताल में दूसरी बार कोविड अस्पताल शुरू किया गया है। लेवल-टू के इस अस्पताल में अब तक 63 संक्रमित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से छह की मौत हो चुकी है। पीड़ितों का आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर या कर्मचारी झांकने नहीं जा रहा है। इसे लेकर अस्पताल में एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में अस्पताल के फर्श पर संक्रमित मरीज उल्टी करके उसी में लेटा हुआ है। उसे कोई देखने वाला नहीं है। वीडियो किसी मरीज ने तैयार किया है।
 
विज्ञापन

3 of 5
gorakhpur covid hospital - फोटो : अमर उजाला।
वार्ड में गंदगी पूरी तरह से पसरी हुई है, बेसिन चोक है।  वार्ड में जगह-जगह संक्रमितों द्वारा कचरा फेंका गया है। नर्सेज व डॉक्टर का कमरा खाली है। वहां केवल कुर्सी व मेज रखे हुए हैं। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व नर्स गायब हैं। अस्पताल में मरीज एक दूसरे की इलाज में मदद करते दिख रहे हैं। वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि वार्ड में कई दिनों से साफ-सफाई नहीं हुई है। यही वजह है कि जो मरीज एक बार टीबी अस्पताल चला जा रहा है, वह वापस आने पर किसी को भी वहां न जाने की सलाह दे रहा है।

4 of 5
gorakhpur covid hospital - फोटो : अमर उजाला।
10 डॉक्टर हैं नोडल अधिकारी, इलाज की जिम्मेदारी सिर्फ तीन पर
अस्पताल में डॉक्टरों की फेहरिस्त लंबी है। अस्पताल में 10 डॉक्टर बतौर नोडल अधिकारी तैनात हैं। जबकि, इलाज के लिए सिर्फ तीन डॉक्टर तैनात किए गए हैं। इसमें एसआईसी डॉ.एके प्रसाद, डॉ. अखिलानंद त्रिगुण, डॉ. आशुतोष राय, डॉ. अंजनी गुप्ता, डॉ. राधेश्याम यादव, डॉ. जयश्री ठाकुर, डॉ. अभिषेक राय, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. कमलेश और डॉ. मुकुल द्विवेदी शामिल है। जबकि इलाज करने की जिम्मेदारी जिला अस्पताल में ड्यूटी करने वाले तीन डॉक्टरों को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर मिली है। इसमें डॉ. प्रशांत कुमार सिंह, डॉ. महेश चौधरी और डॉ. आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
gorakhpur covid hospital - फोटो : अमर उजाला।
सात दिन में 63 संक्रमित भर्ती, छह की मौत
सात दिनों में 90 बेड के अस्पताल में 63 मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें छह लोगों की मौत हो चुकी है । लेवल-टू के इस अस्पताल के इंतजाम इतने खराब है कि छह मरीजों को उनके परिजन जबरन दूसरे अस्पताल लेकर चले गए। अब तक पांच मरीजों को अस्पताल प्रशासन ने रेफर किया है, जबकि, आठ को डिस्चार्ज किया गया है।

सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। रही बात वायरल वीडियो की तो मामले की जानकारी नहीं है। अगर वीडियो मिलता है तो जांच कराई जाएगी। मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें