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Smoothening Vs Straightening: हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में क्या अंतर है? कराने से पहले जान लें

Sat, 18 Jan 2025 04:28 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हेयर स्ट्रेटनिंग और हेयर स्मूथनिंग दोनों ही बालों को मैनेज करने और स्टाइलिश दिखाने की प्रक्रियाएं हैं, लेकिन इनमें काफी अंतर होता है। यहां हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
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हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में क्या अंतर है? - फोटो : अमर उजाला
Smoothening Vs Straightening: लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर अब लोगों के बालों पर दिखने लगा है। इसकी वजह से बाल काफी बेजान और डल दिखने लगते हैं। वैसे तो बाल प्राकृतिक ही अच्छे लगते हैं, लेकिन आजकल इन्हें और भी ज्यादा खूबसूरत बनाने के लिए काफी सारे हेयर ट्रीटमेंट आते हैं। यदि ये ट्रीटमेंट करा लिए जाएं तो बालों की चमक कई गुना बढ़ जाती है।

आजकल के ट्रेंड की बात की जाए तो आजकल हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग का काफी चलन है। बहुत सी महिलाएं सैलून स्टाफ के भरोसे ट्रीटमेंट ले लेती हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग कराने से पहले आपको खुद इस बारे में पता होना चाहिए।

यदि आप भी उन महिलाओं में से हैं, जिन्हें हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में फर्क नहीं पता तो ये लेख आपके लिए है। यहां हम आपको हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में अंतर बताने जा रहे हैं। 
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में - फोटो : Adobe stock
पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में

हेयर स्ट्रेटनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें बालों को पूरी तरह सीधा किया जाता है। हेयर स्ट्रेटनिंग में केमिकल और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बालों की नैचुरल वेव्स या कर्ल्स को हटाकर उन्हें पूरी तरह से स्ट्रेट कर दिया जाता है। हेयर स्ट्रेटनिंग के बाद बाल एकदम सीधे और चमकदार दिखते हैं।
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में - फोटो : Adobe stock
स्ट्रेटनिंग के बाद बालों का लुक आर्टिफिशियल दिख सकता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः 6-12 महीने तक टिकती है, जब तक बाल वापस से नेचुरल ग्रोथ नहीं कर लेते। यह जिद्दी कर्ल्स और फ्रिजी बालों को पूरी तरह से सीधा करता है, जिसके बाद बालों को मैनेज करना आसान हो जाता है।

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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में - फोटो : instagram
इसके साथ ही आपको बता दें कि स्ट्रेटनिंग के लिए इस्तेमाल किए गए केमिकल बालों को डैमेज कर सकते हैं। हेयर स्ट्रेटनिंग की वजह से बालों का टेक्सचर कठोर और कमजोर हो सकता है। यह प्रक्रिया बालों की प्राकृतिक नमी छीन सकती है। जिनके बाल बहुत ज्यादा कर्ली या फ्रिजी होते हैं और वे एकदम स्ट्रेट लुक चाहते हैं।  
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अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में - फोटो : Adobe stock
अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में जानें

हेयर स्मूथनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें बालों को नरम, चमकदार और मैनेजेबल बनाया जाता है, लेकिन यह बालों की प्राकृतिक लहरों या कर्ल्स को पूरी तरह से नहीं हटाता। इसमें केरेटिन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें बालों की बाहरी सतह पर एक प्रोटीन कोटिंग दी जाती है।
 
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अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में - फोटो : Adobe stock
इस प्रक्रिया में बालों को हल्की हीट और केमिकल्स के जरिए सॉफ्ट और फ्रिज-फ्री बनाया जाता है। इसके बाद बाल स्वाभाविक रूप से सिल्की लगते हैं। यह बालों का प्राकृतिक लुक बनाए रखता है। स्मूथनिंग का असर आमतौर पर 3-6 महीने तक रहता है। हेयर स्मूथनिंग के बाद से फ्रिजीनेस कम हो जाती है। इससे बालों की संरचना पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता।
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अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में - फोटो : Adobe stock
हेयर स्मूथनिंग की ये कमी है कि  ये प्रक्रिया लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती। अगर केमिकल्स ठीक से नहीं लगाए गए, तो बाल डैमेज हो सकते हैं। इस प्रक्रिया के बाद बालों की नियमित देखभाल की जरूरत होती है। जिनके बाल हल्के फ्रिज़ी, रूखे या वेवी हैं और जो नेचुरल लेकिन स्मूद लुक चाहते हैं, उनके लिए हेयर स्मूथनिंग परफेक्ट है।
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दोनों में क्या है सही ? - फोटो : Adobe stock
 दोनों में क्या है सही ?

अगर आप एकदम स्ट्रेट बाल चाहती हैं, तो स्ट्रेटनिंग सही विकल्प है। अगर आप नेचुरल और फ्रिज-फ्री बाल चाहते हैं, तो स्मूथनिंग का चयन करें। अब अपनी बालों की स्थिति और जरूरत के अनुसार फैसला लें। 

 डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला इस लेख में दी गई जानकारी को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। त्वचा संबंधी किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
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