Habiba Nowrose
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कुल मिलाकर कला जगत में महिलाएं उनका संदेश समझ गईं, लेकिन कलादीर्घा संभालने वाले पुरुषों को अक्सर थोड़ा और समझाने की जरूरत पड़ती है। वो कहती हैं, "महिलाएं इस बात को समझ गईं, कि मैं क्या बात कर रही हूं, क्योंकि इन अनुभवों से वो होकर गुजरी हैं, लेकिन स्वाभाविक तौर पर पुरुषों के साथ ऐसा मामला नहीं है।" हबीबा कहती हैं कि 'बांग्लादेश में महिला फोटोग्राफर बहुत नहीं हैं, ये भी एक समस्या है. लेकिन चीजें अब बदल रही हैं।'