यश
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सपना पूरा करने के लिए छोड़ा घर
जब यश की उम्र सिर्फ 16 साल थी, तब उन्होंने अपने माता-पिता को घर छोड़ने और सिनेमा में अपना सपना पूरा करने के लिए मना लिया था। उन्हें एक कन्नड़ फिल्म में सहायक निर्देशक के तौर पर काम पर रखा गया था। हालांकि, बैंगलोर पहुंचने के दो दिन बाद ही इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया। इस बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा, 'मैं अपने घर से भाग गया। जब मैं बेंगलुरु आया तो मैं पहुंचते ही डर गया। इतना बड़ा, डराने वाला शहर, लेकिन मैं हमेशा से ही एक आत्मविश्वासी लड़का था। मैं संघर्ष करने से नहीं डरता था। जब मैं बेंगलुरु पहुंचे, तो मेरी जेब में सिर्फ 300 रुपये थे। मुझे पता था कि अगर मैं वापस गया तो मेरे माता-पिता मुझे कभी यहां वापस नहीं आने देंगे।'