विष्णु पुराण
- फोटो : सोशल मीडिया
इसलिए, यह जानने के बाद कि उसका बेटा भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है हिरण्यकश्यपु उसे मारने का प्रयास करता है। प्रह्लाद को मारने का पहला प्रयास हिरण्यकश्यपु के दरबार में ही कयादु की उपस्थिति में किया जाता है। हिरण्यकश्यपु ने अपने मंत्रियों को अपने तलवारों से प्रह्लाद को मारने की आज्ञा दी लेकिन उनका कोई भी हथियार प्रह्लाद के शरीर पर खरोंच भी नहीं लगा पाया।