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इस वजह से उपवास कर रामायण की शूटिंग करते थे 'रावण' अरविंद त्रिवेदी, केवल एक वक्त का खाते थे खाना

Tue, 21 Apr 2020 10:09 PM IST
anand anand बीबीसी हिंदी
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arvind trivedi - फोटो : social media
रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण में लंकापति रावण का रोल निभाकर अरविंद त्रिवेदी ने खासी लोकप्रियता बटोरी थी। अरविंद मूल रूप से मध्य प्रदेश के शहर इंदौर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 250 से भी ज्यादा गुजराती फिल्मों में काम किया है। अरविन्द ने बीबीसी को बताया कि वो गुजरात में थिएटर से जुड़े थे। जब उन्हें पता चला कि रामानंद सागर 'रामायण' बना रहे हैं और किरदारों की कास्टिंग कर रहे हैं तो वो ऑडिशन देने के लिए गुजरात से मुंबई आए। रामायण में वो केवट का किरदार निभाना चाहते थे।
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Arvind Trivedi and Amrish Puri - फोटो : file photo
वो कहते हैं, "इस धारावाहिक में रावण के किरदार के लिए सबकी मांग थी कि अभिनेता अमरीश पुरी को कास्ट किया जाए। मैंने केवट के किरदार के लिए ऑडिशन दिया और जब मैं जाने लगा तो मेरी बॉडी लैंग्वेज और एटीट्यूड देखकर रामानंद सागर जी ने कहा 'मुझे मेरा रावण मिल गया'।" खुद अरुण गोविल भी इस बात को स्वीकारते हैं कि उन्होंने और टीम ने रामानंद सागर से कहा था कि अभिनेता अमरीश पुरी इस किरदार के लिए पूरी तरह से फिट थे।
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Arvind Trivedi - फोटो : twitter
अरविंद त्रिवेदी का किरदार इतना दमदार था कि जब उनकी आवाज टीवी पर दशानन लंकेश के रूप में गूंजती थी, तो लगता था कि वास्तविक रावण ही छोटे पर्दे पर उतर आया है। रावण के रूप में दिखने वाला उनका चौड़ा माथा और चेहरे पर गुस्से के भाव ऐसे होते थे, जैसे मानो यही रावण है। अरविन्द कहते हैं कि उनके लिए रावण बनना आसान नहीं था और शूटिंग के लिए तैयार होने में उन्हें पांच घंटे लगते थे। उनका मुकुट ही केवल दस किलो का हुआ करता था और उस पर उन्हें दूसरे कई आभूषण और भारी-भरकम वस्त्र भी पहनने होते थे।

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arvind trivedi - फोटो : file photo
वो कहते हैं, "रामायण की शूटिंग गुजरात-महाराष्ट्र बॉर्डर के पास उमरगाम में हुआ करती थी। मैं हमेशा बंबई से ट्रेन पकड़कर उमरगाम जाया करता था। ट्रेन में सीट भी नहीं मिलती थी इसलिए खड़े होकर जाना पड़ता था। लेकिन जब धारावाहिक टीवी पर आने लगा तो लोग मुझे ट्रेन में बैठने के लिए सीट दे दिया करते थे और पूछा करते थे कि अब धारावाहिक में आगे क्या होने वाला है। मैं सबसे मुस्कुरा कर कहा करता था आप इसी प्रकार धारावाहिक देखो, पता चलेगा।"
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arvind trivedi ravan - फोटो : Social Media
रामायण की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए अरविन्द त्रिवेदी कहते हैं, "मैं असल जिन्दगी में भी राम भक्त और शिव भक्त हूं इसलिए जब भी शूटिंग पर जाया करता तो पूरा दिन उपवास रखता क्योंकि मुझे इस बात का दुःख होता कि दी हुई स्क्रिप्ट के हिसाब से मुझे श्रीराम को उल्टे-सीधे शब्द बोलने हैं। शूटिंग शुरू होने से पहले मैं राम और शिव की पूजा आराधना करता और जब शूटिंग खत्म हो जाती तो कपड़े बदलकर रात को अपना उपवास खोलता। शूटिंग के दौरान यही मेरी दिनचर्या होती।"

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