बिहार के मुंगेर की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीषा रानी सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के रियलिटी शो 'झलक दिखला जा सीजन 11' की विजेता रही हैं। इस बार की ट्रॉफी जीतने के लिए मनीषा रानी की शोएब इब्राहिम, श्रीरामा चंद्रा और अदरिजा सिन्हा के बीच कांटे की टक्कर रही। मनीषा रानी को 30 लाख और उनके कोरियोग्राफर आशुतोष पवार को 10 लाख मिले हैं। 'झलक दिखला जा' का विनर बनने के बाद मनीषा रानी ने अमर उजाला से खास बातचीत की।
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झलक दिखला जा 11 विनर-मनीषा रानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'झलक दिखला जा' का अनुभव कैसा रहा?
बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है। लेकिन शुरुआत में मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा था। हर हफ्ते ऐसा महसूस होता है कि शो से बाहर हो जाऊंगी। 12 से 14 घंटे तक रोज प्रैक्टिस करती थी। लेकिन जैसा भी रहा यह सफर मेरे लिए बहुत ही अच्छा रहा। इसमें बहुत कुछ सीखने को मिला। डांस सीखने का जितना अरमान था वह इस सफर में पूरा हो गया। बचपन से ही मुझे डांस बहुत पसंद था।
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झलक दिखला जा 11 विनर-मनीषा रानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस शो के जुड़ने का मौका कैसे मिला?
इस शो में भाग लेने के लिए मुझे कार्यक्रम बनाने वालों का फोन आया था। मुझे बचपन से ही डांस करने का शौक था, सोचा एक बार किस्मत आजमा लेते हैं। मैंने कभी डांस नहीं सीखा। टीवी पर गाने देखकर खुद से ही डांस सीखती रही। बीच-बीच में एक-दो महीने के लिए डांस की क्लास ज्वाइन कर लेती थी। लेकिन डांस की जो प्रॉपर ट्रेनिंग होती है वह कभी नहीं ली।
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तरह आप का झुकाव कैसे हुआ?
बचपन से ही मुझे कुछ अलग करना था। डांस का बहुत शौक था। पहले मैं टिकटॉक पर वीडियो बनाती थी। जब यह बैन हुआ तो इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाना शुरू किया और धीरे- धीरे मेरी पहचान बनने लगी। घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नही थी कि मुंबई आकर संघर्ष करती। उसी दौरान साल 2015 में कोलकाता में 'डांस इंडिया डांस' के आडिशन चल रहे थे। तीन राउंड के बाद मैं रिजेक्ट हो गई।
नहीं, जब मेरा चयन 'डांस इंडिया डांस' में नहीं हुआ तो पापा कोलकाता से मुंगेर लेकर आ गए। उस समय मैं 12वी में पढ़ रही थी। मुंगेर के ही डीजे कॉलेज से कामर्स में अपनी स्नातक की पढाई पूरी की। इस बीच सोशल मीडिया पर मेरे वीडियो खूब लोकप्रिय हुए और मुझे धारावाहिक 'गुड़िया हमारी सभी पे भारी' में काम करने का ऑफर मिला। इस धारावाहिक में मेरा कैमियो था। इसी धारावाहिक की शूटिंग के सिलसिले में मुंबई आई, लेकिन फिर लॉक डाउन लग गया, यह धारावाहिक भी बंद हो गया और मै वापस मुंगेर चली गई।
साल 2021 के अंतिम महीने में मुंबई आई और ओशिवारा में एक छोटे से कमरे में कुछ दिनों तक तीन-चार लड़कियों के साथ रही। हमारे बीच बहुत लड़ाई होती थी। फिर भी दिल पर पत्थर रखकर रही, क्योंकि शुरू में तो हमारे पास पैसे ही नहीं थे कि कहीं दूसरा कमरा किराये पर ले सके। इस दौरान मुझे बड़ी अच्छी सीख यह मिली कि आप का इंसान बेहतर होना बहुत जरूरी है। अगर आप का व्यवहार अच्छा है तो देर सबेर आपको मौके जरूर मिलेंगे। आज भी मेरे साथ रहने वाली लड़कियों को काम नहीं मिला।
कपिल शर्मा के शो में आपका कार्तिक आर्यन के साथ वीडियो बहुत वायरल हुआ था, इस शो में कैसे पहुच गईं?
कपिल शर्मा के शो के लेखक मेरे मित्र हैं। कपिल शर्मा के शो में कार्तिक आर्यन अपनी फिल्म को प्रमोट करने वाले थे तो मेरे मित्र ने भी मुझे बुला लिया। बस ऐसे ही बात बात में एक वीडियो शूट कर लिया और वह खूब वायरल हुआ। उस वायरल वीडियो से मेरी बहुत अच्छी पहचान बन गई और लोग मुझे जानने लगे।
'बिग बॉस ओटीटी 2' मे भी आप प्रतिभागी के तौर पर रही, सलमान खान ने कुछ टिप्स दिए आपको?
बिग बॉस ने तो मेरी जिंदगी बदल दी। पहले भी जिंदगी बहुत अच्छी चल रही थी, लेकिन इसके बाद तो जिंदगी और भी अच्छी रह गई। इससे मुझे बहुत नाम मिला, मेरे बहुत फैन बने जिसे आप कट्टर फैन कह सकते थे। सलमान खान बहुत हैंडसम हैं। उन्होंने मुझे कहा कि जैसी हो वैसी ही रहना। किसी के बाप से भी नहीं डरना, एकदम मस्त से रहना।
मनीषा रानी बनीं झलक दिखला जा 11 की विनर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'झलक दिखला जा' के बाद अब आप का अगला कदम क्या होगा ?
मैं फिल्मों में ऐक्टिंग के लिए कोशिश करूंगी। लेकिन, इससे पहले मैं ऐक्टिंग की ट्रेनिंग लूंगी । इससे पहले मैंने जो भी हासिल किया बिना सीखे किया। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है, लेकिन मेरे लिए सबसे जरूरी एक अच्छा इंसान बनना है। जितना हो सके लोगों की मदद करूं। अगर कोई मेरा नाम लें तो उसके चेहरे पर एक मुस्कान आए।
आपने 30 लाख की जो रकम जीती है, उसकी क्या करने वाली हैं ?
मेरे घर में मुझसे ही सबको बहुत उम्मीदें हैं और मैं सबके लिए ही कुछ न कुछ करती रहती हूं। मेरे पिता मनोज कुमार चंडी का कोरियर का छोटा सा बिजनेस है। मेरा पिता चार भाई हैं, सभी साथ रहते हैं। हम चार भाई बहन हैं। सबसे बाद मेरा भाई, मुझसे बड़ी मेरी दीदी और मुझसे छोटा भाई है। जब मैं आठ की थी तो मेरे पिता और मां रागिनी देवी के बीच अलगाव हो गया था। मेरे पिता ने ही हमारा पालन-पोषण किया। हमारे पिता जी कहते हैं कि हम खुशनसीब है कि तुमने हमारे घर में जन्म लिया है। मैं अपने परिवार के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं, इसके अलावा कुछ पैसे सामाजिक कार्यों में खर्च करूंगी।