ब्लेसी, आडुजीवितम
- फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्म का उद्देश्य किसी व्यक्ति, जाति या देश की भावनाओं को आहत करना नहीं है। अपनी फिल्म को लेकर ब्लेसी ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा चौड़ा नोट साझा किया है। इसमें लिखा है, “'आडुजीवितम - द गोट लाइफ' बीस साल पहले प्रकाशित बेन्यामिन की सबसे अधिक बिकने वाले मलयालम उपन्यास का सिनेमाई रूपांतरण है। पिछले कुछ वर्षों में इसे कई भाषाओं में भी अनुवाद किया गया था। इस फिल्म ने कठोर से कठोर व्यक्ति के दिल में भी मानवता लाने की अथक कोशिश की है। फिल्म में दिखाया गया है कि जैसे-जैसे दिन बीतते गए, नजीब का ईश्वर पर विश्वास मजबूत होता गया और ईश्वर पहले इब्राहिम कादरी के रूप में और फिर रोल्स रॉयस वाले नेक अरब सज्जन के रूप में उसके पास आते हैं। मैंने इस फिल्म के माध्यम से कभी भी किसी व्यक्ति, जाति या देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं किया।”