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Blessy: "आडुजीवितम का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं", ब्लेसी को क्यों जारी करना पड़ा बयान?

Sat, 24 Aug 2024 04:50 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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ब्लेसी, आडुजीवितम - फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
ब्लेसी के निर्देशन में बनी फिल्म 'आडुजीवितम - द गोट लाइफ' को लोगों ने खूब पसंद किया था। पृथ्वीराज सुकुरमारन ने इस फिल्म में शानदार अदाकारी दिखाकर लोगों के दिल जीत लिए। हाल ही में इस फिल्म ने केरल राज्य फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, पटकथा (रूपांतरित), अभिनेता, फिल्म और छायांकन सहित नौ पुरस्कार जीतकर खूब सुर्खियां बटोरीं। यह बेन्यामिन के इसी नाम के सबसे ज्यादा बिकने वाले उपन्यास पर आधारित फिल्म थी। शनिवार (24 अगस्त) को ब्लेसी ने अब एक बयान जारी किया है, जिसमें उनकी ओर से कहा गया है कि 'आदुजीविथम' को केवल वर्क ऑफ आर्ट यानी एक कलाकृति माना जाना चाहिए।
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ब्लेसी, आडुजीवितम - फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्म का उद्देश्य किसी व्यक्ति, जाति या देश की भावनाओं को आहत करना नहीं है। अपनी फिल्म को लेकर ब्लेसी ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा चौड़ा नोट साझा किया है। इसमें लिखा है, “'आडुजीवितम - द गोट लाइफ'  बीस साल पहले प्रकाशित बेन्यामिन की सबसे अधिक बिकने वाले मलयालम उपन्यास का सिनेमाई रूपांतरण है। पिछले कुछ वर्षों में इसे कई भाषाओं में भी अनुवाद किया गया था। इस फिल्म ने कठोर से कठोर व्यक्ति के दिल में भी मानवता लाने की अथक कोशिश की है। फिल्म में दिखाया गया है कि जैसे-जैसे दिन बीतते गए, नजीब का ईश्वर पर विश्वास मजबूत होता गया और ईश्वर पहले इब्राहिम कादरी के रूप में और फिर रोल्स रॉयस वाले नेक अरब सज्जन के रूप में उसके पास आते हैं। मैंने इस फिल्म के माध्यम से कभी भी किसी व्यक्ति, जाति या देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं किया।” 
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ब्लेसी, आडुजीवितम - फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
उन्होंने आगे कहा, "फिल्म ने एक दयालु सज्जन के चरित्र के जरिए अरब लोगों की करुणा और सहानुभूति को ध्यान से चित्रित करने की कोशिश की है (जिसके बिना नजीब सड़क पर मर जाता) जो नजीब को बचाता है। उसे अपनी महंगी और रोल्स रॉयस में ले जाता है। उसे पानी पिलाता है और उसे सोने के लिए प्रोत्साहित करता है। वह उसे ऐसी जगह ले जाता है जहां नजीब को मदद मिल सके। फिल्म में रेस्तरां के कर्मचारी, हिरासत केंद्र के लोग और अरबाब आउट-पास चेक पोस्ट सभी को दया, करुणा और सहानुभूति के प्रतीक के रूप में दिखाने की कोशिश की गई है।"

 

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ब्लेसी - फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
इस पोस्ट में आगे लिखा है, "मैं इस फिल्म का निर्देशक हूं। इसकी पटकथा मैंने खुद लिखी है और फिल्म का निर्माण मेरी अपनी कंपनी 'विजुअल रोमांस' ने किया गया है, जिसमें मैं एकमात्र मालिक और शेयरधारक हूं। किसी अन्य व्यक्ति या कंपनी का फिल्म के निर्माण में कोई भी भागीदारी नहीं है। फिल्म को केवल कलाकृति के रूप में देखा जाना चाहिए। आगे उन्होंने इस पोस्ट के पीछे का कारण भी बताया। ब्लेसी ने कहा, "मैं यह बयान इसलिए जारी कर रहा हूं, क्योंकि फिल्म के कंटेंट की गलत व्याख्या करके सामाजिक अशांति पैदा करने के कुछ प्रयास किए जा रहे हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे फिल्म के पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता के रूप में मेरे ओर बताए गए उद्देश्य से परे किसी भी चीज का श्रेय देने के किसी भी प्रयास से दूर रहें।"
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ब्लेसी - फोटो : इंस्टाग्राम- ब्लेसी
इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई 'आदुजीविथम' ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। वहीं, इसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म को रिलीज किया गया। यहां भी दर्शकों ने इस फिल्म को खूब प्यार दिया है।
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