भारतवर्ष की धरती पर एक ऐसे संगीतकार और गीतकार का जन्म हुआ, जो शरीर की आंखों से नहीं देख सकता था, लेकिन उसने अपनी मन की आंखों से जो कुछ देखा और दिखाया वह आंख वाले भी कम ही देख पाते हैं। हम बात कर रहे हैं संगीतकार रविंद्र जैन की, जिनके गीतों के बिना रामानंद सागर की ‘रामायण’ भी अधूरी है। रविंद्र का जन्म 28 फरवरी 1944 को जिला अलीगढ़ के मोहल्ला कनवरीगंज में हुआ था। वह जन्म से ही देख नहीं सकते थे, लेकिन उनकी मन की आंखों से कोई रंग अछूता नहीं रहा।