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Ravi Kishan Bday: रवि किशन को बचपन से ही था सिनेमा का शौक, कभी अभिनय के लिए चमड़े की बेल्ट से खाई थी मार

Wed, 17 Jul 2024 07:40 AM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रवि किशन बर्थडे स्पेशल - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन सिनेमा की दुनिया का एक ऐसा नाम है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भोजपुरी सिनेमा से लेकर साउथ तक रवि किशन ने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है। रवि किशन भोजपुरी सिनेमा की दुनिया के सूर्य की तरह चमक रहे हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी जीतोड़ मेहनत और आत्मविश्वास है। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए रवि किशन ने ना सिर्फ मेहनत की थी बल्कि अपने पिता के हाथों लेदर की बेल्ट से मार भी खाई थी। तमाम अड़चनों के बाद जब अभिनेता के भाग्य का सूर्य उदय हुआ तो उन्होंने सफलता के शिखर को छुआ। उनकी शानदार अदाकारी के चलते लोग उन्हें भोजपुरी का अमिताभ बच्चन कहने लगे। अभिनय की दुनिया में किस्मत चमकाने के बाद रवि किशन ने राजनीति का रुख किया। राजनीति में भी उन्होंने सफलता हासिल की। मौजूदा समय में अभिनेता गोरखपुर से सांसद भी हैं।आज अभिनेता अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। आइए इस मौके पर उनके जीवन के कुछ किस्सों को जानते हैं। 


 
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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann
संघर्षों में बीता जीवन
अभिनेता बनने का सपना पूरा करने के लिए रवि किशन ने खूब मेहनत और संघर्ष किया है। उनका बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा है। उनके अभिनेता बनने का सबसे अधिक विरोध उनके पिता ने ही किया था, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा नाचे-गाए। रवि किशन का जन्म मुंबई में हुआ था, लेकिन उनके पिता का व्यापार बंद हो जाने के कारण वह अपने शहर जौनपुर वापस चले आएं। रवि किशन को बचपन से ही सिनेमा का शौक था। अभिनय का ऐसा सुरूर चढ़ा उन्हें कि उन्होंने रामलीला में सीता की भूमिका निभाई। एक साक्षात्कार में उन्होंने खुलासा किया था कि उनके अभिनय के शौक के चलते उनके पिता ने उन्हें लेदर की बेल्ट से पीटा था। 
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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann
17 साल की उम्र में भागे घर से
हीरो बनने का सपना रवि किशन ने बचपन में ही देख लिया था। इस बात का विरोध उनके पिता करते थे। आखिरकार 17 साल की उम्र में रवि किशन मां से 500 रुपये लेकर मुंबई भाग आए। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपना घर और परिवार छोड़ दिया। रवि किशन ने एक बातचीत के दौरान कहा था, 'उनकी मां ने उनके सपनों का हमेशा समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि ये पैसे उनकी मां ने ही उन्हें दिए थे।'

 

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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann
‘तेरे नाम’ से हुए मशहूर
रवि किशन ने भोजपुरी फिल्मों में तो अपना झंडा गाड़ा ही, बल्कि बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में भी शानदार प्रदर्शन किया। घर से 500 रुपये लेकर भागने वाले रवि किशन उसी चाल में रुके जहां उनका परिवार पहले रहता था। संघर्ष करते हुए उन्हें 1992 में बी-ग्रेड की फिल्म 'पीतांबर' में काम करने का मौका मिला। हालांकि, इसके बाद भी वह कुछ खास नहीं कर पाएं। उनके सितारे तो तब चमके जब उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘तेरे नाम’ में भूमिका चावला के मंगेतर का किरदार निभाया। उनके इस किरदार ने उन्हें मशहूर कर दिया। इस फिल्म के बाद उन्होंने कई सारी फिल्में की। 

 
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रवि किशन - फोटो : इंस्टाग्राम @ravikishann
गुलाब की पंखुड़ियों पर सोते थे रवि किशन
अभिनेता का समय जब बदला तो उनके ऊपर भी सफलता का खुमार चढ़ गया। खुद रवि किशन ने बताया था कि कुछ लोगों की सलाह मानकर उन्होंने काफी गलती की थी, जिसकी वजह से उन्हें बहुत नुकसान भी हुआ। उन्होंने खुद बताया था कि वह गुलाब की पंखुड़ियों पर सोते थे।
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