बीजू पटनायक
- फोटो : social media
तभी उनकी मदद के लिए एक पंजाबी जाटनी आई, जिसने केवल ट्रंक ही नहीं, बल्कि रामानंद को भी उठाकर विमान में फेंक दिया। उसने पायलट से कहा, 'तुझे शर्म नहीं आती। चार दिन से हमने कुछ खाया नहीं है।' पायलट बीजू शांत तो हो गए थे, लेकिन वह ट्रंक के पास आए और उसे खोलने के लिए कहा, जब ट्रंक खोला गया तो उसमें रामानंद सागर के उपन्यास के नोट्स, विभाजन के अनुभव, बरसात फिल्म की स्क्रिप्ट मिले। इसे दिखाने के साथ ही रामानंद सागर रो दिए और बोले, 'हां यही मेरे हीरे जवाहरात हैं, जो मैं लेकर जा रहा हूं।'