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Rajesh Khanna: 17 फिल्में हिट देकर पहले सुपरस्टार बने राजेश खन्ना, बुलंदियों पर पहुंच फिर यूं गिरा करियर ग्राफ

Sun, 29 Dec 2024 08:44 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajesh Khanna Birth Anniversary: आज हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का जन्मदिवस है। उन्होंने इंडस्ट्री में स्टारडम का अलग ही दौर देखा। चलिए इस मौके पर जानते हैं, अभिनेता की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...
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राजेश खन्ना का जन्मदिवस - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और फिल्मों में निभाए गए उनके बेहतरीन किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। ऐसे में हम आज राजेश खन्ना के जन्म दिवस पर हम आपको उनके जिंदगी से जुड़े कुछ खास किस्सों से रूबरू करवाते हैं। चलिए जानते हैं कि राजेश खन्ना अभिनय में कदम रखने से पहले क्या करते थे और कैसे वे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार कहलाए।
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राजेश खन्ना - फोटो : एक्स
अभिनय से पहले क्या करते थे राजेश खन्ना
राजेश खन्ना का जन्म जन्म 29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में हुआ। राजेश का असली नाम जतिन खन्ना था। स्कूल में रहते हुए ही उन्हें अभिनय में रुचि होने लगी और उन्होंने कई नाटकों में अभिनय किया। जब अभिनेता ने फिल्मों में आने का फैसला किया तो उनके चाचा ने ही उनका पहला नाम बदलकर राजेश रख दिया था। 1965 में, उन्होंने यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स और फिल्मफेयर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतिभा प्रतियोगिता जीती और इसके परिणामस्वरूप अगले वर्ष चेतन आनंद द्वारा निर्देशित "आखिरी खत" में अपने करियर की शुरुआत की। उनकी दूसरी फिल्म "राज" भी प्रतियोगिता जीतने के लिए उनके पहले से निर्धारित पुरस्कार का हिस्सा थी।
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राजेश खन्ना - फोटो : एक्स
काका का फिल्मी करियर 
उन्हें 'बहारों के सपने', 'औरत', 'डोली' और 'इत्तेफाक' जैसी फिल्मों से सफलता मिली, लेकिन 1969 में अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के साथ आई फिल्म 'आराधना' ने राजेश खन्ना को सुपरस्टारडम तक पहुंचा दिया। इस फिल्म में जरिए गायक-अभिनेता किशोर कुमार की जोड़ी भी राजेश के साथ बनी और वह राजेश की आधिकारिक पार्श्व आवाज बन गए और इस जोड़ी ने कई हिट गाने दिए, जिनमें 'मेरे सपनों की रानी', 'रूप तेरा मस्ताना', 'कुछ तो लोग कहेंगे' और 'जय जय शिव शंकर' जैसे कई यादगार गाने शामिल हैं।

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राजेश खन्ना - फोटो : एक्स
राजेश खन्ना के स्टारडम का दौर
राजेश खन्ना ने अपने दौर में ऐसा स्टारडम देखा है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। चेतन आनंद की फिल्म ‘आखिरी खत’ (1966) से डेब्यू करने वाले राजेश खन्ना को एक वक्त बॉक्स ऑफिस का सबसे भरोसेमंद कलाकार माना जाता था। ‘आखिरी खत’ 40वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म थी, जो भारत में बनाई गयी थी। इसके बाद 'राज' (1967), 'औरत' (1967) , 'बहारों के सपने' (1967), 'इत्तेफाक' (1969) और 'डोली' (1970) में काका ने अभिनय किया। उन्होंने लगातार 17 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। 'आराधना' को फिल्मफेयर बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिला। राज खोसला की 'दो रास्ते' (1969) ने भी उनका ध्यान खींचा। इसके बाद राजेश खन्ना ने मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक हिट फिल्में दीं। अलावा 'आनंद', 'अंदाज', 'हाथी मेरे साथी', 'बावर्ची', 'जोरू का गुलाम', समेत काका की तमाम फिल्में आज भी खूब पसंद की जाती हैं।
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राजेश खन्ना - फोटो : इंस्टाग्राम @ ट्वविंकल खन्ना
जब काका के सिर चढ़ा स्टारडम का गुरूर
राजेश खन्ना का स्टारडम ऐसा था, जो किसी और अभिनेता ने नहीं देखा। उनकी दीवानगी महिला प्रशंसकों में ज्यादा देखी गई। लड़कियां उनके पीछे पागल रहती थीं। राजेश खन्ना की सुरक्षा के लिए हमेशा पुलिस तैनात रहती थी, लेकिन एक समय ऐसा आया कि स्टारडम उनके सिर चढ़कर बोलने लगा और धीरे धीरे उनका करियर ग्राफ गिरने लगा। राजेश खन्ना के बारे में मशहूर था कि वो अहंकारी थे और सेट पर हमेशा लेट आते थे। राजेश खन्ना ने कभी किसी भी चीज के लिए अपना लाइफ-स्टाइल नहीं बदला। वह सेट पर तभी आते थे, जब उनका मन करता था, बावजूद इसके प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए लाइन लगाते थे। हालांकि, धीरे धीरे उनका स्टारडम कम होने लगा और अमिताभ बच्चन के सुपरस्टार बनते ही राजेश खन्ना का स्टारडम खत्म हो गया। 18 जुलाई 2012 को लंबी बीमारी के बाद राजेश खन्ना का निधन हो गया।
 
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