अजय देवगन की सारागढ़ी की लड़ाई पर फिल्म 'सन्स ऑफ सरदार' की घोषणा न हुई होती तो केसरी के पांच निर्माताओं में छठा नाम सलमान खान का भी होता। सब कुछ ठीक होता तो रणदीप हुड्डा की बैटल ऑफ सारागढ़ी अब तक बनकर रिलीज हो गई होती। पर ये हो न सका और, अब ये आलम है कि अक्षय कुमार की 80 करोड़ रुपये की लागत से बनी और बड़े बजट की बेहतरीन पंजाबी डॉक्यूमेंट्री जैसी दिखती केसरी होली के मौके पर सिनेमाघरों में है। त्योहार के मौसम में एक दुखांत फिल्म रिलीज करने के लिए इसके निर्माताओं की हिम्मत की दाद देनी चाहिए। दाद निर्देशक अनुराग सिंह को भी देनी बनती है जिन्होंने एक छोटी सी कहानी पर ढाई घंटे की फिल्म बना डाली। आखिर तक आते आते केसरी की ये लंबाई ही फिल्म पर भारी पड़ती है।
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केसरी
एक्शन फिल्मों के लिए अक्षय को पसंद करते रहे दर्शक अब टाइगर श्रॉफ, विद्युत जामवाल और अभिमन्यु को पसंद करते हैं। कसौटी पर सिर्फ केसरी ही नहीं अक्षय कुमार का बड़े परदे का तिलिस्म भी है। अक्षय कुमार फिल्म केसरी में पूरी कोशिश में हैं कि किसी तरह पंजाबी दर्शकों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखें। पगड़ी और लंबी दाढ़ी के चलते ईशर सिंह के किरदार में अक्षय का असर बचा रहता है हालांकि उम्र उनके चेहरे पर दिखने लगी है। संवाद अदायगी का उनके सेट पैटर्न है। किरदार कोई भी करें, अक्षय अब अक्षय के अलावा कुछ और नहीं लगते।
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Kesari Movie 2019
- फोटो : You Tube
ईशर सिंह के भीतर बागी बोलता है, लेकिन ईशर सिंह की वफादारी में देश के लिए प्रेम कम अपनी जिद पूरी करने का जज्बा ज्यादा झलकता है। परिणीति चोपड़ा कब परदे पर आती हैं, कब चली जाती हैं, पता ही नहीं चलता। बचे रह जाते हैं तो बस कुछ जाने और कुछ अनजाने चेहरे जिनके सहारे फिल्म को ढाई घंटे तक खींचना 12 साल पहले जिमी शेरगिल के साथ रकीब बनाकर फिल्म निर्देशक बने अनुराग के लिए मुश्किल हो जाता है।
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Akshay kumar Kesari
तकनीकी तौर पर फिल्म प्रभावित करती है। शूटिंग में अंशुल चौबे ने कैमरे का कमाल दिखाया है। फिर पोस्ट प्रोडक्शन में फिल्म को उसके समय के हिसाब का रंग देने की मेहनत। सब बहुत कायदे से किया गया है। भगत सिंह अंग्रजों से लड़े और अपना बाना बसंती करके शहीद हुए। ईशर सिंह अंग्रेजों के लिए लड़े और खुद को जबर्दस्ती केसरी बनाकर शहीद हुए। दोनों की शहादत के बीच खिंची यही असली लाइन है। फिल्म बनाने वाले भले इस लड़ाई को दुनिया की चंद बेहतरीन लड़ाइयों में शामिल बताएं। 10 हजार अफगानियों से 21 बहादुर फौजियों के मुकाबले को फिल्म के प्रचार में बार बार इस्तेमाल करें। सच यही है कि केसरी देशभक्ति का वह ज्वार नहीं जगा पाती, जो अंग्रजों के खिलाफ लड़ी गई लड़ाइयां बड़े परदे पर जगाती रही हैं।
एक बड़े बजट की पंजाबी फिल्म सी दिखती केसरी का एक गीत तेरी मिट्टी छोड़ दें तो बाकी गाने हिंदी पट्टी के दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाए हैं। अक्षय की पिछली दोनों फिल्में पैडमैन और गोल्ड में भी दर्शकों को देशप्रेम की घुट्टी अलग अलग तरीके से पिलाने की कोशिशें की गईं लेकिन आंकड़े गवाह है कि ये दोनों फिल्में सौ करोड़ रुपये का कारोबार भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं कर पाईं। केसरी 80 करोड़ में बनी है, ये पहले हफ्ते में सौ करोड़ का कारोबार कर पाएगी, इसमें संदेह है। अमर उजाला डॉट कॉम के मूवी रिव्यू में फिल्म केसरी को मिलते हैं ढाई स्टार।