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Laal Kaptaan Review: क्या हैं लाल कप्तान की 5 कमजोर कड़ियां

Fri, 18 Oct 2019 12:49 PM IST
anand anand मुंबई टीम, अमर उजाला
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Laal Kaptaan - फोटो : social media
Movie Review: लाल कप्तान
कलाकार: सैफ अली खान, जोया हुसैन, दीपक डोबरिया, मानव विज, सिमोन सिंह आदि।
निर्देशक: नवदीप सिंह
निर्माता: आनंद एल राय, सुनील लुला


नवदीप सिंह की बतौर निर्देशक पहली फिल्म मनोरमा सिक्स फीट अंडर जिन लोगों ने भी देखी है, सब उन्हें एक नए नजरिए वाला फिल्म निर्देशक मानते रहे हैं। अनुष्का शर्मा के करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक एनएच 10 भी उन्होंने बनाई। एक अच्छे निर्देशक को हिंदी सिनेमा का स्टारडम भ्रष्ट करता है और एक अच्छे निर्माता को बेड़ा सतही तौर पर अलहदा दिखने वाली फिल्में बीच समंदर में डुबो देती हैं। और, सेक्रेड गेम्स जैसी सीरीज? इस पर बात थोड़ा रुककर, पहले लाल कप्तान के रंग देख लेते हैं।


गोसाईं की जिंदगी निराली है। शिव का पुजारी है। शव तांडव में उसे आनंद आता है। कोई दो सौ साल पहले के भारत में भटकता गोसाईं का निशाना रहमत खान है। यहां मंजिल तक पहुंचने के पड़ाव नहीं हैं। हर अल्पविराम किसी काम के पूर्ण होने की कहानी कहता है और एक दंभी रानी और एक मसखरे साथी के बीच से होकर ये कहानी आपका भेजा फ्राई करने में कामयाब रहती है। मनोरंजन की उम्मीद से सिनेमाघर में पहुंचे दर्शक को लगता है कि अब नहीं तो तब कहानी में कुछ ऐसा आएगा, जिसे वह फिल्म खत्म होने के बाद अपनी यादों में साथ लेकर जाएगा। लेकिन, बटुए की कमाई बॉक्स ऑफिस पर लुटा आया ये आम आदमी आखिर में ईरॉस कंपनी की घटती अंतर्राष्ट्रीय साख सा ठगा महसूस करता है।
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Laal Kaptaan teaser - फोटो : video
रेस सीरीज की फिल्मों तक मार्केट में अपना डंका बजाते रहे सैफ अली खान के करिश्मे का तिलिस्म टूट चुका है। वह अब नागा साधु के गेटअप से नया तिलिस्म गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। चेहरे पर चिता भस्म लपेटे सैफ कभी लंगड़ा त्यागी का भ्रम देते हैं तो कभी जिमी क्लिफ का। लेकिन, उनका ये कॉस्ट्यूम ड्रामा उन्हें असली जैसा दिखने नहीं देता। नवदीप ने पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन में जैक स्पैरो जैसा लुक उन्हें क्यों दिया ये वे ही जानें, लेकिन इसी साल के शुरू में हुए अर्धकुंभ में नागा साधुओं की एक झलक भी जिन्होंने देखी है, उन्हें गोंसाई कहीं से धरती का लाल नहीं दिखता।
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लाल कप्तान - फोटो : Social Media
कहानी और निर्देशन में गोता लगाने के अलावा फिल्म लाल कप्तान अदाकारी के मामले में भी खूब हिचकोले खाती है। अंधाधुन में आशिक मिजाज पुलिस अफसर के किरदार में खूब वाहवाही पाने वाले मानव विज के किरदार को यहां लेखक की गाढ़ी स्याही की जरूरत थी, पर उनका किरदार रोमन में लिखी हिंदी जैसा एहसास ही दे पाता है। सिमोन अरसे बाद बड़े परदे पर दिखीं पर बेअसर रहीं। हां, दीपक डोबरियाल का मनमौजी रूप लोगों को थोड़ी राहत जरूर देता है।

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Laal Kaptaan - फोटो : सोशल मीडिया
तनु वेड्स मनु, रांझणा निर्देशित करने वाले आनंद एल राय की कहानियों पर पकड़ निल बटे सन्नाटा, हैपी भाग जाएगी और शुभ मंगल सावधान तक मजबूत बनी रही लेकिन उसके बाद बतौर निर्माता उनका खाता लगातार खाली होता गया। पिछली फिल्म में वह जीरो पर आकर टिके हैं। लाल कप्तान में वहां कहां जाएंगे, इरॉस इंटरनेशनल के एकाउंटेंट ही बेहतर बता पाएंगे। बॉक्स ऑफिस की पर मुनाफे की संगत से दूर हो तुके आनंद की इस फिल्म का संगीत भी इसकी एक सबसे कमजोर कड़ी है।
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Laal kaptaan - फोटो : amar ujala mumbai
लाल कप्तान हिंदी सिनेमा की उस कतार का सिनेमा है जहां निर्देशक दर्शकों को बुद्धू समझता है और खुद को विलक्षण प्रतिभावान। वह एक अलग तरह के आभामंडल को समेटे घूमता है और ये आभा मंडल ही जमीन से उसे छह फिट ऊपर उठा देता है। जब निर्देशक को कभी कभी लगने लगे कि अपुन ही भगवान है तो फिर हश्र सेक्रेड गेम्स के दूसरे सीजन जैसा ही होता है। सैफ अली खान का बचा खुचा तिलिस्म इस सीरीज ने ही खत्म किया है। न अब वह ओटीटी के सरताज रहे और न सिनेमा के सैफ। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म लाल कप्तान को मिलते हैं पांच में से दो स्टार।
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