Movie Review: लाल कप्तान
कलाकार: सैफ अली खान, जोया हुसैन, दीपक डोबरिया, मानव विज, सिमोन सिंह आदि।
निर्देशक: नवदीप सिंह
निर्माता: आनंद एल राय, सुनील लुला
नवदीप सिंह की बतौर निर्देशक पहली फिल्म मनोरमा सिक्स फीट अंडर जिन लोगों ने भी देखी है, सब उन्हें एक नए नजरिए वाला फिल्म निर्देशक मानते रहे हैं। अनुष्का शर्मा के करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक एनएच 10 भी उन्होंने बनाई। एक अच्छे निर्देशक को हिंदी सिनेमा का स्टारडम भ्रष्ट करता है और एक अच्छे निर्माता को बेड़ा सतही तौर पर अलहदा दिखने वाली फिल्में बीच समंदर में डुबो देती हैं। और, सेक्रेड गेम्स जैसी सीरीज? इस पर बात थोड़ा रुककर, पहले लाल कप्तान के रंग देख लेते हैं।
गोसाईं की जिंदगी निराली है। शिव का पुजारी है। शव तांडव में उसे आनंद आता है। कोई दो सौ साल पहले के भारत में भटकता गोसाईं का निशाना रहमत खान है। यहां मंजिल तक पहुंचने के पड़ाव नहीं हैं। हर अल्पविराम किसी काम के पूर्ण होने की कहानी कहता है और एक दंभी रानी और एक मसखरे साथी के बीच से होकर ये कहानी आपका भेजा फ्राई करने में कामयाब रहती है। मनोरंजन की उम्मीद से सिनेमाघर में पहुंचे दर्शक को लगता है कि अब नहीं तो तब कहानी में कुछ ऐसा आएगा, जिसे वह फिल्म खत्म होने के बाद अपनी यादों में साथ लेकर जाएगा। लेकिन, बटुए की कमाई बॉक्स ऑफिस पर लुटा आया ये आम आदमी आखिर में ईरॉस कंपनी की घटती अंतर्राष्ट्रीय साख सा ठगा महसूस करता है।