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Movie Review: गुलाबी आसमान में खो गई बरेली की प्रियंका, 'द स्काई इज पिंक' को मिले इतने स्टार

Fri, 11 Oct 2019 10:37 AM IST
shrilata biswas मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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the sky is pink - फोटो : social media
फिल्म समीक्षा: द स्काई इज पिंक
कलाकार: प्रियंका चोपड़ा, फरहान अख्तर, जायरा वसीम, रोहित सराफ आदि।
निर्देशक: शोनाली बोस
लेखक: जूही चतुर्वेदी, निलेश मनियार, शोनाली बोस
निर्माता: आरएसवीपी मूवीज
रनिंग टाइम: 140 मिनट

कोई सात साल पहले हिंदी सिनेमा में कहानियों को तवज्जो देने वाले प्रोडक्शन हाउस यूटीवी पिक्चर्स को विदेशी कंपनी वाल्ट डिजनी ने खरीद लिया। कंपनी के मालिक रॉनी स्क्रूवाला ने इसके दो साल बाद विदेशी फंड जुटाकर आरएसवीपी मूवीज नाम की कंपनी खोली। कंपनी ने पिछले साल केदारनाथ और कारवां बनाई। इस साल की शुरूआत उरी द सर्जिकल स्ट्राइक जैसी धमाकेदार फिल्म से की। इसके बाद सोनचिड़िया और मर्द को दर्द नहीं होता रिलीज की और अब प्रियंका चोपड़ा की कमबैक फिल्म द स्काई इज पिंक की बारी है। ये सारी फिल्मों की गिनती यहां इसलिए कि आरएसवीपी मूवीज दर्शकों के सामने एक ऐसे प्रोडक्शन हाउस की झांकी सजाना चाहता है जिसके पास हर तरह का सिनेमा है। कुछ अलग करने की चाहत का ही नया नाम है फिल्म द स्काई इज पिंक लेकिन आरएसवीपी मूवीज की ये चाहत इस बार प्रियंका चोपड़ा पर भारी पड़ने वाली है।
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'द स्काई इज पिंक' - फोटो : social media
निर्देशक शोनाली बोस की पिछली फिल्म मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ ने उनके सिनेमा के विकास की एक बहुत दमकती झलक दर्शकों के सामने पेश की थी। इस बार भी उनके सिनेमा को पसंद करने वाले दर्शकों को उनसे ऐसी ही रूह को छू जाने वाली फिल्म की उम्मीद रही। 54 साल की हो चुकीं शोनाली बोस ने अपनी जिंदगी में काफी दर्द सहा है। वह रिश्तों की गांठों से रिसते दर्द का सिनेमा बनाती रही हैं। द स्काई इज पिंक उनके करियर की कलाकारों के लिहाज से सबसे बड़ी फिल्म कही जा सकती है। दिक्कत यहां वही है जो अनुराग कश्यप के सिनेमा में दिखती है। कहानी अच्छी है। पटकथा का विस्तार लाजवाब है। पृष्ठभूमि दर्शकों में उत्सुकता जगाती है लेकिन निर्देशक बड़े कलाकारों को उनके बेहतरीन अभिनय के साथ पेश करने में चूक जाता है।
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द स्काई इज पिंक - फोटो : Twitter
गुरुग्राम की आयशा चौधरी और उनके अभिभावकों की अपनी बेटी को बचाने की जद्दोजहद का किस्सा तमाम लोगों ने पहले से ही सुन रखा है, जिन्होंने कोई 10 साल पहले रिलीज हुई फिल्म लवली बोन्स देख रखी है, उन्हें इस फिल्म को बनाने का तरीका भी जाना पहचाना लगेगा। दुनिया छोड़ चुकी एक जान अपनी जान की हिफाजत करने वालों की जब कहानी सुनाती है, तो लोग सीधे इस पूरे मामले से जुड़ना चाहते हैं। ऐसी फिल्में देखने जाने वाले पहले से खुद को तैयार करके जाते हैं कि परदे पर कुछ ऐसा दिखेगा जो नश्तर बनकर सीधे एहसासों को छील देने वाला है लेकिन द स्काई इज पिंक भावनाओं का ये पोस्टमार्टम करने से पहले ही भटक जाती है।

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the sky is pink - फोटो : social media
दंगल और सीक्रेट सुपरस्टार की कलाकार जायरा वसीम की जुबानी चलती इस कहानी को देखने पहुंचे लोगों को सबसे ज्यादा उम्मीद रही प्रियंका चोपड़ा से। बर्फी और बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों में प्रियंका का कैमरे की आंख से आंख मिलाकर अभिनय करने का जो दमखम हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने देखा है, उसका असर प्रियंका खुद अपने पति के साथ तकरीबन हर रोज होने वाली फैशन परेड से कम कर चुकी हैं। इस बार दर्शक उन्हें इंटरनेशनल स्टार के तौर पर देखने पहुंचे और कुछ तो फिल्म की निर्देशक की हिंदी पर कमजोर पकड़ को वजह मानें या फिर जानबूझकर प्रियंका का हिंदी में अटपटे तरीके से संवाद बोलने का लहजा, दर्शकों को कहीं से भी ये प्रियंका अपनी वाली प्रियंका नहीं लगी।
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the sky is pink - फोटो : social media
फरहान अख्तर का अपना एक सेट पैटर्न है एक्टिंग करने का। उनकी अपनी सीमाएं हैं। इसके बावजूद वह आलीशान फॉर्म हाउस के मालिक से लेकर लंदन की सड़कों पर पैसे जुटाते पिता के किरदार में खुद को ढाल ले गए। दिक्कत ये है कि सुनील शेट्टी की तरह परदे पर अभिनय के लिए की जाती मेहनत अब फरहान अख्तर की भी कैमरे की पकड़ में आने लगी है। फिल्म द स्काई इज पिंक में अदाकारी के मामले में जिस एक कलाकार ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह है आयशा के भाई के रोल में रोहित सराफ। रोहित को अच्छे किरदार मिले तो वह हिंदी सिनेमा की नई उम्मीद हो सकते हैं।
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the sky is pink - फोटो : social media
द स्काई इज पिंक के नाम से ही जाहिर है कि यह फिल्म सिर्फ मेट्रो शहरों के दर्शकों को ध्यान में रखकर गढ़ी गई है। दिल्ली, यूपी और ईस्ट पंजाब जैसे वितरण क्षेत्रों के गिनती के दर्शक होंगे ऐसे जिन्हें इस तरह की फिल्मों में रुचि हो। हिंदी पट्टी के दर्शक ये फिल्म सिर्फ और सिर्फ प्रियंका चोपड़ा की वापसी के लिए देखने के इच्छुक रहे हैं और उन्होंने भी अपने प्रशंसकों को इस फिल्म में निराश ही किया है। अमर उजाला मूवी रिव्यू में फिल्म द स्काई इज पिंक को मिलते हैं दो स्टार।
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