फिल्म सोहनी महिवाल
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ का एक सुपरहिट गाना है, सोनी चनाब दे किनारे…। आनंद बक्षी ने यूं लगता है कि जैसे अपना दिल उड़ेल दिया हो इस गाने में। अनु मलिक ने भी ये गाना इसकी पूरी पंजाबियत के साथ कंपोज करके अपने पिता सरदार मलिक का नाम रोशन किया। गाने की धुन तैयार होने के बाद आशा भोसले को जब मौका मिला तो वह आईं गाना रिकॉर्ड करने। गाने का मूड समझाने के लिए उन्हें इसका स्क्रैच सुनाया गया, इसे सुनकर ही आशा भोसले को ये गाना डब करना था। आशा ने जैसे ही गाने का मुखड़ा सुना, उन्होंने आंखें मूंद ली। पूरा गाना सुनने तक वह यूं ही बैठी रहीं। अनु मलिक परेशान। कहीं गलती तो नहीं हो गई। लेकिन, स्क्रैच सुनने के बाद आशा भोसले ने जो कहा उसकी मिसाल अभी और कई पीढ़ियों तक दी जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस स्क्रैच को ही फिल्म के साउंडट्रैक में फाइनल सॉन्ग समझकर शामिल कर लो। इस गायिकी से बेहतर गाना बहुत मुश्किल है। स्क्रैच वाला गाना ही फिल्म में इस्तेमाल हुआ और इसी गाने के लिए उभरती गायिका अनुपमा देशपांडे को मिला उनके करियर का पहले बेस्ट फीमेल सिंगर फिल्मफेयर अवार्ड।