प्रेम रोग
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
शूटिंग के दौरान भी फैला ‘प्रेम रोग’
ऋषि कपूर उनसे काफी सीनियर कलाकार थे लेकिन एक सीन में पद्मिनी को ऋषि कपूर के चांटे मारने थे। ये सीन आठ टेक में ओके हुआ और जब ओके हुआ तो ऋषि कपूर का गाल कश्मीरी सेव की तरह लाल हो चुका था। शॉट खत्म होने के बाद तो पद्मिनी ने बहुत माफी मांगी ऋषि कपूर से लेकिन जब तक शूट चलता रहा पद्मिनी की हाथों में एक बार जरा सी भी मुरव्वत नहीं हुई। ऋषि कपूर ने भी इस सीन के लिए पद्मिनी की खूब तारीफ की। ऋषि कपूर और पद्मिनी की प्रोफेशनल ट्यूनिंग का किस्सा सामने आ ही गया है तो लगे हाथ आपको फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे राजीव कपूर का भी किस्सा सुना देते हैं। जिन दिनों ‘प्रेम रोग’ बन रही थी, राजीव कपूर की ड्यूटी लगती थी शूटिंग से पहले सब कुछ ठीक ठाक और चाक चौबंद रखने की ताकि जब राज कपूर सेट पर पहुंचे तो सब कुछ अपनी अपनी जगह पर मिले। लेकिन, पद्मिनी कोल्हापुरे की शूटिंग जब से शुरू हुई, राजीव कपूर अपना काम ही भूल गए। वह दिन भर बस पद्मिनी के आगे पीछे डोला करते और उनके दो बातें करके ही दिल को तसल्ली दे देते। दो चार दिन तो राज कपूर को समझ नहीं आया कि लड़के को हुआ क्या है, क्यूं वह बहकी बहकी बातें करता है और क्यों सारा काम उसका अस्त व्यस्त रहता है। फिर किसी ने राज कपूर को बताया कि फिल्म के गाने की छोड़िए, यहां जो भंवरा फूल खिलाने की दिन रात मेहनत कर रहा है, वह उनका छोटा बेटा है। राज कपूर को गुस्सा कम ही आते लोगों ने देखा है लेकिन उस दिन राजीव कपूर की किस्मत ही खराब थी। पद्मिनी के साथ राज कपूर ने जैसे ही राजीव को देखा उन्होंने वहीं उनकी सारी लेफ्ट, राइट, सेंटर कर दी।