माया मेमसाब
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
फिल्म से सेंसर ने उड़ा दिया सीन
फिल्म ‘माया मेमसाब’ के जिस सीन को लेकर इतना बखेड़ा हुआ, उसे देखने के लिए स्कूल कॉलेजों के छात्र भर भरकर ये फिल्म देखने पहुंचे लेकिन फिल्म से ये सीन सेंसर बोर्ड ने ऐन मौके पर निकाल दिया। तब यूट्यूब, व्हाट्सऐप या दूसरे सोशल मीडिया थे नहीं लेकिन फिल्म में से सीन काटे जाने की खबर शनिवार तक ही जमाने को हो चुकी थी और रविवार तक फिल्म फ्लॉप घोषित हो चुकी थी। फिल्म में दीपा मेहता का किरदार माया का है। माया अपने पिता के साथ एक आलीशान हवेली में रहती है। पिता को दिल का दौरा पड़ता है तो डॉ. चारु दास उन्हें देखने आते हैं। चारु का आना जाना मेलजोल में बदलता है और दोनों की शादी हो जाती है। लेकिन डॉ. चारु दास को अपने काम से मोहब्बत है और माया को खुद से। वह अपना एक नया ख्वाहिशमंद रुद्र में तलाश लेती है। माया को प्रेम की नहीं संतुष्टि की तलाश है और इस बार उसकी नजर चढ़ता है उससे उम्र में कहीं छोटा ललित। ललित और माया के जिस्मानी रिश्तों में ऊष्मा तो बहुत होती है लेकिन आत्माओं के मिलन जैसी बात यहां भी नहीं बनती।