फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bioscope S2: परदे पर दिखा बिग बी के फिर से जिंदा हो उठने का असली किस्सा, दाढ़ी पर हो गया था बवाल

विज्ञापन
1 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला
अमिताभ बच्चन के सपने बहुत बड़े बड़े रहे हैं। इनमें से तमाम वह पूरे भी कर चुके हैं। लेकिन, इंसान वही है जो सपनों के पीछे भागता रहे। एक टूटे तो दूसरा जोड़ता रहे। अमिताभ बच्चन भी कभी फिल्म जगत में यश चोपड़ा जैसा एक फिल्म साम्राज्य खड़ा करना चाहते थे। अपनी कंपनी बनाई। नाम भी यश चोपड़ा की कंपनी यशराज फिल्म्स की तरह ही रखा एबीसीएल यानी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड। कंपनी की प्लानिंग के हिसाब से फिल्म ‘मेजर साब’ ही उनकी पांच साल के लंबे ब्रेक के बाद रिलीज होने वाली ‘कमबैक’ फिल्म होनी थी लेकिन उनसे रूठे चल रहे उनके सितारों ने तब उनकी वापसी कराई एक फ्लॉप फिल्म ‘मृत्युदाता’ से। इन दोनों फिल्मों  निर्माता अमिताभ बच्चन ही थे।

फिल्म ‘मेजर साब’ की गिनती उन पहली फिल्मों में भी होती है जिनकी रिलीज से ठीक पहले विवाद उठ खड़े हुए। भारतीय सेना तब भी फिल्मों में अपनी प्रतिष्ठा को लेकर बहुत सजग रहती थी। इस फिल्म में सेना ने अमिताभ बच्चन के किरदार की वेशभूषा पर आपत्ति जता दी। सेना का कहना था कि अमिताभ बच्चन के किरदार को दाढ़ी में दिखाना उचित नहीं है। इसीलिए फिल्म के शुरूआत में इसका स्पष्टीकर भी परदे पर आता है। और तब जाकर किसी तरह फिल्म रिलीज को तैयार हुई।
विज्ञापन

2 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
बिग बी ने मांगी अखबार से मदद
दाढ़ी का मामला निपटा तो एक नया ‘खेल’ शुरू हो गया। फिल्म की स्क्रीनिंग में कुछ दर्शक एकदम से जत्था बनाकर फिल्म के बीच से निकल लेते। दूसरों को लगता कि फिल्म बोर कर रही है। ऐसा तब और होता जब किसी स्पेशल स्क्रीनिंग में फिल्म समीक्षक या पत्रकार भी मौजूद होते। अमिताभ को लगा कि ये किसी साजिश के तहत हो रहा है। उन दिनों ‘एशियन एज’ अखबार में काम करने वाले मोहम्मद वजीहुद्दीन अपने ब्लॉग में इस मामले का जिक्र करते हैं। ‘एशियन एज’ में तब अफसाना अहमद ही सिनेमा की समीक्षाएं और बड़े सितारों के इंटरव्यू करती थीं लेकिन अखबार के तब के संपादक एम जे अकबर ने बजाय अफसाना के वजीहुद्दीन की ड्यूटी अमिताभ का इंटरव्यू करने के लिए लगाई। इसी ब्लॉग में वजीहुद्दीन ने खुलासा किया कि अमिताभ अपनी फिल्म ‘मेजर साब’ के खिलाफ चल रहे कथित षडयंत्रों से नाखुश थे और इसी वजह से उनका ये इंटरव्यू होना था। इंटरव्यू हुआ और अगले दिन पहले पन्ने पर छपा भी। इससे फिल्म को कितना फायदा हुआ, इसका अंदाजा तो अमिताभ बच्चन या उनकी फिल्म कंपनी को ही होगा, लेकिन ये तय था कि अखबार में छपे के असर का उन्हें अंदाजा तब भी था और अब भी है। अब तो खैर वह ईमेल पर भेजे गए सवालों का अपनी आवाज में उत्तर रिकॉर्ड करके भेजते हैं लेकिन हाल फिलहाल तक वह अपने सारे इंटरव्यू खुद अपने स्टाफ को लगाकर उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराया करते थे।
विज्ञापन

3 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
ऐसे बनी बिग बी और टीनू की टीम
अमिताभ बच्चन फिल्म ‘मेजर साब’ के प्रोड्यूसर थे और इस बात का इल्म फिल्म में काम करने वाले कलाकारों और तकनीशियनों दोनों को था। फिल्म में उनकी पत्नी का किरदार करने वाली नफीसा अली ने पांच साल पहले अपनी एक ट्वीट में उन्हें महान निर्माता लिखा था। और, टीनू आनंद जिन्होंने इस फिल्म में पहली बार अपना असली नाम वेरिंदर राज आनंद इस्तेमाल किया था, उन्हें भी अच्छे से पता था कि फिल्म के निर्माता अमिताभ बच्चन हैं। इसके बावजूद टीनू आनंद ने फिल्म की शूटिंग के दौरान एक बार अमिताभ से ऊंची आवाज में बात की और नतीजा दुनिया के सामने हैं। टीनू ने ‘मेजर साब’ के बाद सिर्फ एक फिल्म बनाई वह भी अभिनेता सुनील शेट्टी के साथ। अमिताभ बच्चन और टीनू आनंद का पहले पहले नाता बना था फिल्म ‘कालिया’ से। टीनू इससे पहले शशि कपूर, ऋषि कपूर और नीतू सिंह को लेकर फिल्म ‘दुनिया मेरी जेब में’ निर्देशित कर चुके थे और अपनी अगली फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन के पीछे लगे हुए थे। अमिताभ बच्चन उन दिनों डॉन की शूटिंग कर रहे थे। टीनू खुद बताते हैं कि फिल्म ‘कालिया’ की पटकथा सुनाने के लिए उन्हें अमिताभ बच्चन का कोई साल भर पीछा करना पड़ा। फिर एक दिन ‘डॉन’ की शूटिंग के बीच उन्हें अमिताभ बच्चन का समय मिला।

4 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
इस वजह से बिगड़े टीनू आनंद के रिश्ते
फिल्म ‘मेजर साब’ के निर्देशक टीनू आनंद के पिता इंदर राज आनंद मशहूर लेखक रहे हैं और अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन के मित्र भी। ‘कालिया’ के सेट पर टीनू ने अमिताभ को अमित जी कहकर बुलाना शुरू किया तो खुद उन्होंने टीनू को बुलाकर इसके लिए क्लास लगाई और कहा कि घरेलू रिश्ते सेट पर आकर औपचारिकता में न बदलें तो ही बेहतर। इसके बाद से ही टीनू ने अमिताभ बच्चन को सार्वजनिक रूप से अमित कहना शुरू किया। लेकिन, इन्हीं टीनू ने फिल्म ‘मेजर साब’ की शूटिंग के दौरान एक सीन अमिताभ बच्चन के कहने पर दोबारा शूट नहीं किया और यही बात अमिताभ को अच्छी नहीं लगी। मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि अमिताभ के दबाव डालने पर टीनू झल्ला पड़े थे और ये बात अमिताभ कभी नहीं भूले। ये और बात है कि ‘मेजर साब’ निर्देशित करने के लिए टीनू आनंद को एक तरह से पुचकार कर तैयार किया गया था।
विज्ञापन

5 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अजय देवगन ने संभाला निर्देशन
‘मेजर साब’ की शूटिंग जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड्गवासला, पुणे में चल रही थी तब अमिताभ की मेहुल कुमार निर्देशित फिल्म ‘मृत्युदाता’ सिनेमाघरों तक पहुंच चुकी थी। अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल की तब निर्माणाधीन 10 फिल्मों में से एक ‘मेजर साब’ के निर्देशक टीनू आनंद शुरू से चाहते थे कि ‘मेजर साब’ ही अमिताभ बच्चन की कम बैक फिल्म हो। ‘मृत्युदाता’ के फ्लॉप होने का टीनू की मानसिक सेहत पर खासा असर हुआ जिसने उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डाला। फिल्म ‘मेजर साब’ की शूटिंग के समय टीनू आनंद एक दो बार तो ऐसे वक्त भी बीमार पड़े जब शूटिंग टाली नहीं जा सकती थी। लोग बताते हैं कि ऐसे मौकों पर अमिताभ बच्चन के कहने पर अजय देवगन ने उन दृश्यों की कमान संभाली। फिल्म ‘मेजर साब’ में अभिषेक बच्चन ने भी काम किया। लेकिन, उनका काम था कैमरे के पीछे रहकर प्रोडक्शन के काम में हाथ बंटाना। और, इस काम में भी वह एक बार लोचा कर बैठे थे।
विज्ञापन

6 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अभिषेक बच्चन ने किया लोचा
हुआ यूं कि फिल्म ‘मेजर साब’ का एक गाना ऑस्ट्रेलिया में शूट होना था और अजय देवगन को एयरपोर्ट से लाने से लेकर होटल में ठहराने तक की जिम्मेदारी अभिषेक बच्चन को सौंपी गई थी। पहले तो अभिषेक एयरपोर्ट से अजय देवगन को लाने वाली टैक्सी बुक करना भूल गए। किसी तरह टैक्सी से अजय देवगन होटल पहुंचे तो अभिषेक को पता चला कि उन्होंने अजय देवगन के लिए पहले से कमरा बुक नहीं किया है और अब होटल में कोई कमरा खाली नहीं है। लिहाजा, अभिषेक ने अपना कमरा अजय देवगन को दिया और खुद आकर होटल की लॉबी में सोए। अजय देवगन के लिए भी फिल्म ‘मेजर साब’ अनोखा अनुभव रही। पहली बार उन्हें आर्मी कैडेट की तरह अपने बाल कटवाने पड़े। फिल्म में उनकी और सोनाली बेंद्रे की जोड़ी कैमरे के सामने फिट लगे, इसके लिए कई बार वह ऊंचे सोल वाले जूते पहन लिया करते थे।
विज्ञापन

7 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
सोनाली बेंद्रे की सुंदरता के चर्चे
सोनाली फिल्म ‘मेजर साब’ में बेहद खूबसूरत लगीं। अमिताभ और अजय की केमिस्ट्री भी लोगों को बहुत पसंद आई, हालांकि दोनों पहली बार किसी फिल्म में साथ काम कर रहे थे। इस फिल्म के तुरंत बाद दोनों अजय के पिता वीरू देवगन की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘हिंदुस्तान की कसम’ में भी नजर आए। इन दिनों अमिताभ बच्चन की अजय देवगन के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘मे डे’ में भी काम कर रहे हैं। फिल्म ‘मेजर साब’ की कहानी में एक रईस बाप के बेटे वीरेंद्र को मजबूरी में एनडीए में दाखिला लेना होता है और वह चाहता है कि किसी तरह उसे यहां से निकाल दिया जाए। मेजर जसबीर सिंह राणा ये ताड़ लेता है और उसके मंसूबे कामयाब नहीं होने देता। दिक्कतें वहां शुरू होती हैं जब वीरेंद्र को शंकर नाम के एक बदमाश की बहन निशा से प्यार हो जाता है। फिल्म में दोनों पर फिल्माया गया ये गाना उन दिनों बहुत लोकप्रिय हुआ।

8 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
कमजोर कहानी ने किया नुकसान
फिल्म ‘मेजर साब’ की कमजोर कड़ी रही इसका लेखन जिसे अंजाम दिया था संतोष सरोज और रॉबिन भट्ट ने। फिल्म की कहानी कमजोर रही और इसकी पटकथा में भी दर्शकों को काफी झोल नजर आए। फिल्म के कम से कम दो गाने बेतरतीबी से रखे गए। इन गानों को लोगों ने रिलीज से पहले भले काफी पसंद किया हो लेकिन फिल्म की रफ्तार में इन गानों ने बाधा ही पहुंचाई। हां, फिल्म का सुपरहिट गाना ‘सोणा सोणा’ बड़े परदे पर देखने के लिए दर्शकों में खूब बेकरारी दिखी। ये गाना दरअसल संगीतकार आदेश श्रीवास्तव ने के सी बोकाडिया की फिल्म ‘लाल बादशाह’ के लिए रिकॉर्ड किया था। फिल्म के निर्माता के सी बोकाडिया से अमिताभ बच्चन मनुहार करके ये गाना ‘मेजर साब’ में ले आए थे। फिल्म के बाकी सारे गाने आनंद राज आनंद ने बनाए थे लेकिन आदेश का ये एक गाना ‘मेजर साब’ के बाकी सारे गानों पर भारी पड़ गया।

विज्ञापन

9 of 9
मेजर साब फिल्म - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
चलते चलते...
फिल्म ‘मेजर साब’ अमिताभ बच्चन के दिल के काफी करीब रही फिल्म है। और, इसीलिए उन्होंने फिल्म में अपनी निजी जिंदगी का वो लम्हा इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी जिसके बारे में तब तक मालूम ही बहुत कम लोगों को था। फिल्म ‘कुली’ में लगी चोट के बाद इलाज के दौरान एक बार ऐसा भी हुआ था कि अमिताभ की सांसें रुक गई थीं। सबने आस छोड़ दी थी। जया बच्चन की हालत बहुत खराब थी और लोगों ने उन्हें वहां से ले जाने के लिए उनको सहारा दिया। बताते हैं कि जया वहां से जाने ही वाली थीं कि अमिताभ का जो हाथ जया के हाथ में था उसमें जुंबिश हुई। आईसीयू में खड़े डॉक्टर ये देख हतप्रभ रह गए। अमिताभ भी इसे ईश्वर का चमत्कार ही मानते हैं और इस दिन (2 अगस्त) को अपना दूसरा जन्मदिन मानते हैं। इस पूरी घटना को फिल्म ‘मेजर साब’ के एक सीन में टीनू आनंद ने हू ब हू दोहरा दिया है। बस असल जिंदगी में जहां जया बच्चन थीं, वहां फिल्म के सीन में अजय देवगन हैं।

(‘बाइस्कोप’ कॉलम में प्रकाशित यह आलेख बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत संरक्षित हैं।)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें