कृतिका कामरा
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कृतिका बोलीं- 'यह कारीगरों को सशक्त बनाने का तरीका है'
इस पहल को लेकर कृतिका ने कहा, 'चंदेरी हमेशा से अपनी हथकरघा कला के लिए जाना जाता रहा है और इस शहर में पली-बढ़ी होने के कारण मेरे मन में उन कारीगरों के लिए बहुत सम्मान है, जो इस शिल्प को जीवंत बनाए हुए हैं। अपनी मां के साथ इस पहल की शुरुआत करना उस परंपरा का सम्मान करने के साथ-साथ हमारे समुदाय को वापस कुछ देने का एक तरीका भी है। हम एक ऐसा मंच बनाना चाहते थे, जहां ये प्रतिभाशाली कारीगर दुनिया के सामने अपना काम दिखा सकें। यह हमारे लिए एक व्यवसाय से कहीं बढ़कर है। यह अपने शिल्प पर गर्व करने की भावना प्रदान करके, उन्हें सशक्त बनाने का एक तरीका है'।