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Kritika Kamra: काबिले तारीफ है कृतिका कामरा की ये पहल, चंदेरी के स्थानीय कारीगरों के सशक्तीकरण को उठाया कदम

Tue, 22 Oct 2024 01:59 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कृतिका कामरा ने टीवी जगत और फिल्मों में अपनी अदाकारी से दर्शकों पर हमेशा अपनी छाप छोड़ी है। अब उन्होंने एक ऐसी सामाजिक पहल की है कि हर कोई अभिनेत्री की तारीफ कर रहा है। कृतिका ने मध्य प्रदेश के चंदेरी के कलाकारों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने चंदेरी की स्थानीय कला को पुनर्जीवित करने और कारीगरों की मदद के लिए नया मिशन शुरू किया है। इसकी शुरुआत उन्होंने अपनी मां के साथ की है। चलिए जानते हैं...
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कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मां के साथ शुरू की फैशन पहल
कृतिका कामरा ने अपनी मां के साथ मिलकर 'सिनेबार' नाम से एक फैशन पहल शुरू की है। इसके जरिए उन्होंने अपने होमटाउन चंदेरी के स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने का जिम्मा संभाला है। चंदेरी हथकरघा कला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
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कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
स्थानीय कला को सहेजने में मिली मदद
कृतिका कामरा को चंदेरी यात्रा के दौरान वहां के कारीगरों की कड़ी मेहनत का एहसास हुआ। वे हमेशा से उनकी मदद के लिए कुछ करना चाहती थीं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने पारंपरिक चंदेरी हथकरघा काम को बढ़ावा देने के लिए फैशन पहल शुरू की है। इसी के जरिए उन्होंने वहां के स्थानीय बुनकरों को अपनी शिल्पकला का कौशल दिखाने के लिए एक मंच भी दिया। अभिनेत्री और उनकी मां ने इन कारीगरों को उनके साथ काम करने का मौका किया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका देते हुए उनके इस कौशल को सहेजने में भी मदद मिली है।

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कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कृतिका बोलीं- 'यह कारीगरों को सशक्त बनाने का तरीका है'
इस पहल को लेकर कृतिका ने कहा, 'चंदेरी हमेशा से अपनी हथकरघा कला के लिए जाना जाता रहा है और इस शहर में पली-बढ़ी होने के कारण मेरे मन में उन कारीगरों के लिए बहुत सम्मान है, जो इस शिल्प को जीवंत बनाए हुए हैं। अपनी मां के साथ इस पहल की शुरुआत करना उस परंपरा का सम्मान करने के साथ-साथ हमारे समुदाय को वापस कुछ देने का एक तरीका भी है। हम एक ऐसा मंच बनाना चाहते थे, जहां ये प्रतिभाशाली कारीगर दुनिया के सामने अपना काम दिखा सकें। यह हमारे लिए एक व्यवसाय से कहीं बढ़कर है। यह अपने शिल्प पर गर्व करने की भावना प्रदान करके, उन्हें सशक्त बनाने का एक तरीका है'।
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कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दूसरों को भी मिलेगी प्रेरणा
कृतिका ने आगे कहा कि इस पहल के जरिए उनका मकसद चंदेरी की समृद्ध विरासत को सहेजना और साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देना है। अभिनेत्री को उम्मीद है कि इससे न केवल पारंपरिक कला के विकास में मदद मिलेगी, बल्कि दूसरों को भी अपने समुदायों के कलाकारों को पहचानने और उनको बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी।
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